दिल्ली में ९ अप्रेल से शुरु दु दिन के भोजपुरी विश्व सम्मेलन के उद्घाटन कइला का बाद लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार अपना संबोधन में कहली कि, “बहुत देर हो चुकल अब भोजपुरी के ओकर हक मिल जाये के चाहीं.” मुख्य अतिथि शत्रुघ्न सिन्हा के कहना रहे कि संसद के अगिला मानसून सत्र में भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे के जोरदार प्रयास कइल जाई. एह बात के समर्थन कार्यक्रम में मौजूद सांसद संजय निरुपम, उमा शंकर सिंह, महाबल मिश्रा, रघुवंश प्रसाद सिंह आ नीरज शेखर, सभे कइल.

कार्यक्रम पूर्वांचल एकता मंच का तरफ से आयोजित रहे आ एकर अध्यक्ष शिवजी सिंह सगरी अतिथियन के स्वागत कइलें.


एह कार्यक्रम में मारीशस से आइल प्रख्यात लेखिका डा॰ सरिता बुद्धू, आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति सुभाष सिन्हा, फ्रंटलाइन ग्रुप के चेयरमैन डा॰ संजय सिन्हा, वरिष्ठ
साहित्यकार डा॰ गुरुचरण सिंह, बिहारी खबर के संपादक अश्विनी कुमार सिंह समेत कई लोग के सम्मानितो कइल गइल.

अगिला दिने सांस्कृतिक कार्यक्रम में जबाबी चइता में भोजपुरी के लोक कला पक्ष उजागर कइल गइल. भोजपुरी सिनेमा के स्वर्णिम काल कार्यक्रम में भोजपुरी सिनेमा के महानायक कुणाल सिंह आ पार्श्व गायक उदित नारायण के मौजूदगी चार चाँद लगा दिहलसि. एह कार्यक्रम में फिल्म निर्मात्री दीपा नारायण, फिल्म “कब होई गवना हमार” के राष्ट्रीयपुरस्कार विजेता निर्देशक आनन्द गहतराज, “छोटकी दुलहिन” के निर्माता अभय आदित्य सिंह, निर्माता निर्देँशक राज कुमार आर पाण्डेय, गीतकार मोतीलाल मंजुल, युवा एंकर अजीत आनन्द आ छवि पान्डेय समेत कई हस्तियन के सांसद शाहनवाज हुसेन, जगदम्बिका पाल आ बिहार जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का हाथे सम्मानित कइल गइल.

साहित्यिक सत्र आ कवि सम्मेलन में भोजपुरी के नामी गिरामी कवि आ साहित्यकार आपन मौजूदगी दर्ज करवलें त सांस्कृतिक सत्र में गायक आलोक कुमार, अनामिका सिंह, आलोक पाण्डेय, रामाशीष बागी, सुशांत, दीपक त्रिपाठी, अर्पिता भट्टाचार्य, सीमा जायसवाल, संगीता यादव, सीमा तिवारी आ शर्मिला पाण्डेय के गायकी से हजारन का संख्या में मौजूद दर्शक झूम उठलें.

कार्यक्रम के सफल संचालन में चन्द्र शेखर राय, संजय सिंह, संतोष ओझा, राजेश कुमार सिंह, अमरेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, संतोष पटेल वगैरह के सक्रिय भागीदारी रहल.


(स्रोत – संतोष सिन्हा)

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