– ओंकारेश्वर पांडेय


आखिर बिहार के साथे केन्द्र सरकार के ई सौतेला व्यवहार काहे बा? का एह से कि ओहिजा कांग्रेस चाहे ओकर सहयोगी दल के सरकार नइखे? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवन सवाल केन्द्र सरकार के सामने उठवले बाड़न आ जवन तथ्य रखले बाड़े, ओकरा से साफ लागत बा कि केन्द्र सरकार बिहार के साथे न्याय नइखे करत. एक तरफ त प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समेत केन्द्र के दोसर मंत्री खुला शब्द में बिहार सरकार के कामकाज के प्रशंसा क चुकल बाड़े. बाकिर दोसरा ओर केन्द्र बिहार के साथे सहयोग कइला के बजाय असहयोग आ अन्याय के रवैया अपनवले बा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मानीं त जहवां बिहार के केन्द्र से पहिले से 1772 मेगावाट बिजली आवंटन के आपूर्ति निर्धारित बा, ओहिजा ओकरा विरूद्ध वास्तविक रूप में ओकरा मात्र 900 मेगावाट ही मिलत बा, जवना में से मात्र 680 मेगावाट मात्र के उपयोगे जनसमूह खातिर रह जाला. एह से नीतीश बिहार में बिजली समस्या के निदान हेतु केन्द्र सरकार से कम से कम 500 मेगावाट विद्युत आवंटन के मांग कइले बाड़न. उनकर ई मांग नया नइखे. पहिले भी ऊ एह मांग के उठा चुकल बाड़े. बाकिर दिल्ली ऊंच सुनत बिया. भलेमानुष मनमोहन सरकार अतना ऊंच काहे सुनत बिया?


सम्पादक : The Sunday Indian

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