भारत के अगिला राष्ट्रपति चुने खातिर जोड़ घटाव चालू बा. राजनीति के चउँगोठल जात बा. एह बीच आम आदमी के सही सही मालूम नइखे कि देश में राष्ट्रपति के चुनाव वास्तव में होला कइसे, के एहमें वोट देला, आ वोट के गिनिती कइसे होला. एह बारे में साफ साफ जानकारी आम समाचार माध्यम से नइखे मिल पावत त अँजोरिया चहलसि कि सीधे चुनाव आयोग से मिलल जानकारी रउरा सभ के दिहल जाव.

अबकी के चुनाव राष्ट्रपति खातिर होखे वाला चौदहवाँ चुनाव ह.

  • सबसे पहिला चुनाव साल १९५२ में भइल रहुवे जवना में डा॰ राजेन्द्र प्रसाद के कुल वोट ६०५३८६ में से ५०७४०० वोट मिलल रहे. चार गो बाकी उम्मीदवारन में केहु के कवनो खास मत ना मिलल रहे. हँ के टी शाह के जरूर ९२८२७ वोट मिलल रहुवे.
  • दुसरका चुनाव साल १९५७ में भइल रहे आ एहू में डा॰ राजेन्द्र प्रसाद के कुल पड़ल वोट ४६४३७० में से ४५९६९८ वोट मिलल रहे. बाकी दू गो उम्मीदवार के तीन तीनो हजार वोट ना मिलल.
  • तिसरका चुनाव साल १९६२ में भइल जवना में डा॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कुल पड़ल वोट ५६२९४५ में से ५५३०६७ वोट मिलल रहे आ बाकी दू गो उम्मीदवारन के बहुते थोड़ वोट से संतोष करे के पड़ल रहे.
  • चउथा चुनाव साल १९६७ में भइल जवना में डा॰ जाकिर हुसेन के कोटा सुब्बाराव से जोरदार टक्कर मिलल रहे. कुल पड़ल ८३८०४८ वोट में से डा॰ जाकिर हुसेन के ४७१२४४ वोट मिलल रहे आ सुब्बाराव के ३६३९७१ वोट. वइसे एह चुनाव में पन्द्रह गो अउरी उम्मीदवार रहलें जवना में से नौ जने के एको बोट ना मिलल रहे.
  • पँचवा चुनाव साल १९६९ में भइल आ एहमें कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी के खिलाफ इन्दिरा गाँधी वी॰वी॰ गिरी के लड़वा के अन्तरात्मा के नाम पर वोट मँगले रही आ वी॰ वी॰ गिरी के ४०१५१५ वोट मिलल रहे. जीते खातिर कुल पड़ल वोट ८३६३३७ के आधा से कम रहला का चलते एक एक कर के उम्मीदवारन के छंटनी भइल रहे आ ओह लोग के पड़ल वोट में से दुसरका वरीयता के वोट बाकी उम्मीदवारन में जोड़ल जात गइल जब ले कि वी॰वी गिरी के बहुमत वोट ना मिल गइल. आखिरी गिनिती में वी॰वी॰ गिरी के ४२००७७ वोट मिलल जबकि नीलम संजीव रेड्डी के ४०५४२७ वोट. एह चुनाव मे पन्द्रह गो उम्मीदवार रहलें जवना में से पाँच जने के एको वोट ना मिलल रहे आ बाकी पाँच जने क एक हजार से कम वोट. तिसरका जगहा रहल सी॰डी॰ देशमुख के पहिला वरीयता के ११२७६९ वोट मिलल रहे.
  • छठवाँ चुनाव साल १९७४ में भइल जवना में दुइए गो उम्मीदवार रहलें आ फखरुद्दीन अली अहमद के कुल पड़ल वोट ९५४७८३ में से ७६५५८७ वोट मिलल रहे आ त्रिदीव चौधरी के १८९१९६ वोट.
  • सतवाँ चुनाव के नौबत साल १९७७ में पड़ गइल रहे काहे कि फखरुद्दीन अली अहमद के अचानक मौत हो गइल रहे. एह चुनाव में सैंतीस गो उम्मीदवार के परचा दाखिल भइल रहे बाकिर छत्तीस जने के परचा जाँच का बाद रद्द कर दिहल गइल आ अकेला बचल उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी के निर्विरोध चुनाव हो गइल रहे.
  • अठवाँ चुनाव साल १९८२ में भइल जवना में दू गो उम्मीदवार मैदान में रहलें. एह चुनाव में कुल पड़ल वोट १०३६७९८ में से ७५४११३ वोट ले के ज्ञानी जैल सिंह जीत गइलें आ एच॰आर॰ खन्ना के कुल २८२६८५ वोट मिल पावल.
  • नउवाँ चुनाव साल १९८७ में भइल जवना में आर॰ वेंकटरमण के कुल पड़ल वोट १०२३९२१ में से ७४०१४८ वोट मिलल. वी॰आर॰कृष्णा अय्यर के २८१५५० वोट मिलल रहे. तिसरका उम्मीदवार मिथिलेश कुमार के २२२३ वोट मिलल. एह तीनो उम्मीदवार में से वेंकटरमण विजयी रहलें.
  • दसवाँ चुनाव साल १९९२ में भइल जवना में १०२६१८८ वोट पड़ल आ डा॰शंकर दयाल शर्मा के ६७५८०४ वोट मिलल रहे. जी जी स्वेल के ३४६४८५ वोट मिलल रहे. एह चुनाव में राम जेठमलानी आ धरती पकट काका जोगेन्दरो सिंह उम्मीदवार रहलें.
  • एगरहवाँ चुनाव साल १९९७ में भइल जवना में के॰आर॰नारायण के ९५६२९० वोट आ टी॰एन॰ शेषन के ५०६३१ वोट मिलल रहे. कुल १००६९२१ वोट पड़ल रहे.
  • बरहवाँ चुनाव साल २००२ में भइल जवना में कुल पड़ल वोट १०३०२५० में से ९२२८८४ वोट ले के डा॰ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम विजयी रहलन. अकेला विरोधी उम्मीदवार श्रीमती लक्ष्मी सहगल के १०७३६६ वोट मिलल रहे.
  • तेरहवाँ चुनाव साल २००७ में भइल जवना में कुल पड़ल वोट ९६९४२२ आ एहमें से ६३८११६ वोट श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल के मिलल रहे. पराजित उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत के ३३१३०६ वोट मिलल रहे.

अब चउदहवाँ चुनाव के सरगर्मी जारी बा.

आईं जानल जाव कि राष्ट्रपति चुनाव में वोट के देला.

– एह चुनाव में संसद के दुनु सदन के चुनाइल सदस्य, आ राज्य विधानसभा के चुनाइल सदस्य, आ दिल्ली आ पुड्डूचेरी के विधानसभा के चुनाइल सदस्य वोट देलें. मनोनीत सदस्यन के वोट देबे के अधिकार ना होला.

– विधायकन के वोट के मूल्य तय करे खातिर साल १९७१ के जनसंख्या के आधार मानल जाला. एह जनसंख्या में एक हजार से भाग देके बाकी बचल संख्या के ओह राज्य के विधायकन के संख्या में बराबर बराबर बाँटल जाला.

– सगरी राज्यन के विधायकन के वोट के मिला के जवन संख्या आवेला तवना में राज्यसभा आ लोकसभा के मिला के कुल सांसदन के संख्या से भाग दिहल जाला. जवन अंक आवेला उहे होला एक सांसद के वोट के वैल्यू भा मूल्य.

अबकी का चुनाव में विधायकन के वोट के मूल्य राज्य वार एह तरह से बा :

आंध्र प्रदेश १४८
अरूणांचल प्रदेश
असम ११६
बिहार १७३
छतीसगढ़ १२९
गोआ २०
गुजरात १४७
हरियाणा ११२
हिमाचल प्रदेश ५१
जम्मू एण्ड काश्मीर ७२
झारखण्ड १७६
कर्नाटक १३१
केरल १५२
मध्यप्रदेश १३१
महाराष्ट्र १७५
मणिपुर १८
मेघालय १७
मिजोरम
नागालैण्ड
ओडिशा १४९
पंजाब ११६
राजस्थान १२९
सिक्किम
तमिलनाडु १७६
त्रिपुरा २६
उत्तराखंड ६४
उत्तरप्रदेश २०८
पश्चिम बंगाल १५१
दिल्ली ५८
पुड्डूचेरी १६

एहमें उत्तर प्रदेश के विधायकन के वोट के मूल्य सबले बेसी २०८ बा जबकि सिक्किम के विधायकन के वोट के मूल्य सबले कम ७ बा. उपर दिहल सगरी वोट मिला के ओकर मूल्य भइल ५४९४०८ जवना के ७७६ सांसदन में बँटला पर ७०८ के वैल्यू भा मूल्य आवत बा.

एह आधार पर अबकी का चुनाव में कुल वोट के गिनिती भइल विधायकन के ५४९४७४ वोट आ सांसदन के ५४९४०८ वोट आ कुल मिला के १०९८८८२.

राष्ट्रपति चुनाव कवनो चुनाव चिह्न का आधार पर ना होखे आ हर वोटर सगरी उम्मीदवारन के क्रमवार जगहा दे सकेला. हालांकि बहुते लोग आपन पहिला वरीयता के वोट दे के छोड़ देलें. जवन कि करे के ना चाहीं काहे कि ओह हालत में अगर दुसरका वरीयता के वोट गिने के जरूरत पड़ल त उनकर वोट बेकार हो सकेला अगर उनकर वोट ओह आदमी के पड़ल बा जे सबले नीचे बा.

आईं अब देखल जाव कि वोट गिनल कइसे जाला

रिटर्निंग अफसर ई देखेला कि कुल पड़ल पहिला वरीयता के वोट का आधार पर कवनो उम्मीदवार के आधा से अधिका वोट मिलल बा कि ना. अगर कवनो उम्मीदवार के पचास फीसदी से कम से कम एको वोट अधिका नइखे मिलल त सबले कम वोट पाए वाला उम्मीदवार के हटा दिहल जाई आ ओकरा मिलल वोट में से दुसरका वरीयता के वोट तब पहिला वरीयता के मान लिहल जाई. ई क्रम तबले चलत रही जबले एक उम्मीदवार के पचास फीसदी से अधिका वोट नइखे मिल जात.

राष्ट्रपति चुनाव लड़े के अर्हता

भारत के नागरिक होखे के चाहीं.
पैंतीस साल से बेसी उमिर होखे चाहीं, आ
ऊ सांसद भा विधायक बने के योग्यता राखत होखे.
कवनो लाभ का पद पर ना होखे के चाहीं ओकरा. हालांकि राष्ट्रपति भा उपराष्ट्रपति के पद एह चुनाव खातिर लाभ के पद ना मानल जाव.

परचा दाखिल करे के नियम
उम्मीदवार का लगे कम से कम पचास गो विधायक भा सांसद प्रस्तावक होखसु आ पचास गो अउरी विधायक भा सांसदन के समर्थन रहे. केहू प्रस्तावक आ समर्थक दुनु ना हो सके.
अधिक से अधिक चार गो परचा दाखिल कर सकेला कवनो उम्मीदवार.
जमानत का तौर पर पन्द्रह हजार रूपिया जमा करे के पड़ी जवन कुल पड़ल वोट के छठवां हिस्सा से कम मिलला पर जब्त कर लिहल जाई.

आशा बा कि एह जानकारी का बाद अँजोरिया के पाठक एह चुनाव का बारे में सगरी जरूरी जानकारी राखे वाला बन जइहें. अंजोरिया के हमेशा से परंपरा रहल बा कि खाली भोजपुरी के बात ना कर के सगरी बात भोजपुरिए में कइल जाव.

एह लेख का बारे में आपन टिप्पणी जरूर दीं.

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