हमार प्रिय देशवासी.

अपना आजादी के चउसठँवा सालगिरह पर हम एकसौ बीस करोड़ भारतीयन के बधाई देत बानी.

पिछला सात साल से हम एतिहासिक लाल किला से रउरा सभ के संबोधित करत आ रहल बानी. एह सात साल में हमनी के देश बहुते प्रगति कइले बा. एह दौरान हमनी का विकास का राह पर तेजी से आगा बढ़ल बानी जा आ कई तरह के सफलता हमनी का हासिल कइले बानी जा. तबहियो हम मानत बानी कि अबही बहुत कुछ करे के बा. हमनी के अपना देश से गरीबी आ अशिक्षा दूर करे के बा. आम आदमी के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करावे के बा. अपना नवहियन के रोजगार संभावना उपलब्ध करावे के बा.

आगा के राह लमहर आ टेढ़-मेढ़ बा.खास कर के देश के भीतर आ बाहर के मौजूदा हालात अइसन बा कि अगर हमनी का सूझबूझ आ सम्हर के काम ना कइनी जा त हमनी के सुरक्षा आ समृद्धि के नुकसान हो सकेला. दुनिया के अर्थव्यवस्था थथमल जात बा. दुनिया के विकसित देश खास कर के अमेरिका आ पश्चिमी यूरोप के देश माली संकट से गुजरत बाड़े. मध्यपूर्व के बहुते अरब देशन में अस्थिरता के माहौल बा. हमनियो का देश में कुछ लोग गड़बड़ी पैदा कइल चाहत बा जेहसे कि हमनी के विकास रुक जाव. एह सब के नकारात्मक प्रभाव पड़े वाला बा हमनी पर. बाकिर हमनी का अइसन होखे ना देब जा. हम जानत बानी कि अगर हमनी का एक जुट हो के काम करी जा बहुते चुनौती के सामना कर सकीले जा. लेकिन जरूरी ई बा कि हमनी का निजी हित आ राजनीतिक हित से उपर उठ के देश के महत्वपूर्ण समस्यन पर सहमति बनाई जा.

अपना सैनिकन के बलिदान, किसानन आ कर्मचारियन के मेहनत का बल पर बनल नींव पर हमनी का आधुनिक भारत के महल खड़ा करत बानी जा. ओह लोग के मेहनत आ बलिदान के बेकार ना जाये दिहल जाई. हमनी का अपना आजादी के लड़वइयन के सपना साकार करब जा.

पिछला सात साल में हमनी के सरकार राजनीतिक स्थिरता आ सामाजिक आर्थिक बढ़न्ती खातिर काम कइले बिया. हमनी का देश में एगो साम्प्रदायिक सद्भाव के माहौल बनवले बानी जा.

एह सात साल का दौरान हमनी के आर्थिक विकास के गति तेज रहल बा. साल २००८ में आईल दुनिया के मन्दी आ दुनिया के बाजार में उर्जा अउर उपभोग के सामानन के बढ़त दाम का बावजूद हमनी का सफलता हासिल करत बानी जा.

हमनी का देश में गैरबरोबरी दूर करे में लागल बानी जा. पिछला सात साल में हमनी का अनुसूचित जाति जनजाति, अल्पसंख्यकन,औरतन आ बुतड़ूअन के खास ध्यान रखले बानी जा.

हमनि का इसन कानून बनवले बानी जा जेहसे हमनी के लोग के मूलभूत सुविधा मिले के गारण्टी रहे. शिक्षा, रोजगार आ सूचना के अधिकार मुहैया करवला का बाद हमनी का जल्दिये भोजन के सुरक्षा वाला कानून बनाएब सँ.

पिछला सात साल में दुनिया के विभिन्न देशन से हमनी के संबंध मजगर आ पोढ़ भइल बा. हमनी के कठोर मेहनते के फल हवे कि हमनी का आजु बहुते आत्माभिमान आ आत्मविश्वास पवले बानी जा.

ई सफलता साधारण ना हई सँ. आजु दुनिया हमनी के बेवत के मानत बा कि हमनी का दुनिया के एगो बड़हन आर्थिक ताकत बानी जा. बाकिर भ्रष्टाचार के समस्या हमनी के ओह बदलाव का राब में बड़हन बाधा बन गइल बा.

पिछला कुछ महीना में भ्रष्टाचार के बहुते मामिला सामने आइल बा. कुछ मामिला में केन्द्र सरकारो के लोग पर भ्रष्टाचार के आरोप लागल बा आ कुछ में राज्य सरकारो का लोग पर.

भ्रष्टाचार के जवन मामिला सामने आइल बाड़ी सँ तवना में हमनी का कड़ा से कड़ा कार्रवाई करत बानी जा. चूंकि ई मामिला सब अबही अदालत में विचाराधीन बाड़ी सँ एहसे एह पर हम बेसी ना बोलब.

ई जरूरी बा कि जब हमनी का एह तरह के बाति पर विचार करी जा त अइसन माहौल मत बना दी जा कि देश के बढ़न्तिये पर सवाल खड़ा हो जाव. एह मसलन पर कवनो चर्चा एह तरह से होखे के चाहीं कि ओहसे हमनी के मन के विश्वास झलके कि एह समस्या से हमनी का निबट लेब जा.

भ्रष्टाचार कई रूप मे सामने आवेला. कबो आम आदमी के कल्याण खातिर दिहल धन सरकारी अधिकारियन का पाकिट में चल जाला. कबो कुछ खास लोग के फायदा चहुँपावे खातिर विवेकाधीन अधिकारन के गलत इस्तेमाल कइल जाला. अइसनका उदाहरण बाड़ी सँ जब सरकारी ठेका गलत आदमियन के गलत तरीका से दिहल गइल बा. हमनी का अइसनका हरकतन के बेलगाम ना छोड़ सकी सँ.

हमार मानना बा कि कवनो अइसन अकेला बड़हन डेग नइखे जेहसे कि भ्रष्टाचार के खतल कइल जा सके. असल में हमनी का कई मोर्चा पर एक साथे लड़े के होई.

हमनी का आपन न्याय प्रणाली सुधारे के होई. सभका मालूम हो जाये के चाहीं कि भ्रष्ट आदमी के खिलाफ तुरते कार्रवाई होई आ ओकरा सजा मिल के रही. यदि हमनी के न्यायप्रणाली बढ़िया से काम करे त सरकारी अधिकारी लोभ लालच भा राजनीतिक दबाव में कुछऊ गलत करे से पहिले पाँच बेर सोचीहे.

बड़का जगहन पर होखे वाला भ्रष्टाचार रोके खातिर हमनी का एगो मजबूत लोकपाल चाहत बानी जा. एह खातिर हालही में संसद में एगो विधेयक पेश कइले बानी जा. अब संसदे तय कर सकेले कि कवना तरह के लोकपाल प्रावधान बनावल जाव. एह विधेयक पर उठत विरोधो से हम वाकिफ बानी. बाकिर जे लोग विरोध में बा ओह लोग के संसद, राजनीतिक दल, आ मीडिया का सामने आपन बाति कहे के चाहीं. हमार इहो मानना बा कि एह खातिर भूख हड़ताल आ आमरण अनशन ना करे के चाही.

लोकपाल के दायरा में न्यायपालिका के ले आवल ठीक ना रही. हमनी के मानना बा कि एह तरह के प्रावधान न्यायपालिका के आजादी का खिलाफ होई. हँ, हमनी के एगो अइसन ढाँचा जरूरे चाही कि न्यायपालिको बेसी जबाबदेह बन सको. एही खातिर संसद में न्यायायिक जिम्मेदारी विधेयक ले आवल गइल बा. हमरा पूरा विश्वास बा कि ई विधेयक संसद से पारित हो जाई.

एगो सचेत पत्रकारिता आ जागरूक नागरिक भ्रष्टाचार से लड़े में बहुते सहायता दे सकेले. भारत के पत्रकारिता अपना आजादी आ सक्रियता खातिर दुनिया भर में जानल जाले. सूचना के अधिकार पारित करा के हमनी का प्रेस आ नागरिकन के एह दिसाईं नजर राखे वाला अधिकार दिहले बानी जा.

आजु बहुते सरकारी फैसला, जवन एह अधिकार का बिना सामने ना आ पाइत, सभका जानकारी में आ जात बा. हम मानीले कि भ्रष्टाचार मेटावे का दिसाईं ई एगो बड़हन डेग हवे.

कई बेर सरकारी विवेकाधिकार दुर्लभ संसाधनन के आंवटन में भा अनुमति दिहला में गलत इस्तेमाल कइल जाला. एह बाति पर सोचत बानी जा. आ जहाँ ले संभव हो पाई विवेकाधिकार के खतम कइल जाई.

कवनो सरकार हर साल हजारो करोड़ के ठेका देबेले. एह फैसलन पर लगातार शिकायत मिलत रहेला. हमनी का एगो समिति एह बाति पर विचार करे खातिर बनवले रही जा कि सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार कइसे खतम कइल जाव. समिति के सलाह आइल बा कि दुनिया के बाकी देशन का तरह हमनियो का देश में सरकारी खरीद के सिद्धान्त व्यवहार आ प्रक्रिया के कानून बना दिहल जाव. एही साल का अन्त ले एकर विधेयक संसद में पेश कइल जाई.

हाल का बरीसन में हमनी का कई क्षेत्र में स्वतत्र नियामक प्राधिकरण बनवले बानी जा. ई प्राधिकरण बहुते उ फैसला ले रहल बावे जवन पहिले सरकार लेत रहुवे. हालांकि अबही अइसन कवनो कानून नइखे जवना से एह प्राधिकरण का काम पर नजर राखल जा सके आ जबाबदेह बनावल जा सके, बिना ओकर आजादी छिनले. अइसनको कानून बनावे पर विचार करत बानी जा.

भ्रष्टाचार पर हम अतना कुछ कह चुकल बानी काहे कि हम जानत बानी कि आजु ई समस्या हमनी सभका सोझा एगो बड़हन चिन्ता के विषय बा. बाकिर ई अइसन समस्या हवे जवना खातिर सरकार का लगे कवनो जादू के छड़ी नइखे. भ्रष्टाचार का खिलाफ लड़ाई में हमनी का कई मोर्चा पर एक साथ लागल बानी जा. हम चाहब कि सगरी राजनीतिक दल एह मामिला में हमनी का साथ कंधा मिला के खड़ा होखे. भ्रष्टाचार खतम करावे खातिर हमनी का संसद में कई गो विधेयक पेश कइले बानी जा आ पेश करे वाला बानी जा. हम चाहब कि सगरी राजनीतिक दल एह काम में विधेयकन के कानून बनावे में हमनी के साथ दीही. भ्रष्टाचार का मसला पर अन्त में हम इहे कहल चाहब कि भ्रष्टाचार से लड़ाई तबे जीतल जा सकेला जब भारत के हर नागरिक एह काम में साथ देव.

एह साल खेती में मिलल उपलब्धता खातिर हम देश के किसानन के बधाई देत बानी. खाद्यान्न के उपज एह साल रिकार्ड बनवले बा. गेंहू मकई दाल तिलहन सभकर उपज में रिकार्ड बनल बा. किसानन के एह कड़ा मेहनते का चलते आजु खाद्यान्न, चीनी, आ कपास के निर्यात करे के सोचल जात बा.

आजु खेती का क्षेत्र में दुसरका हरित क्रांति के जरूरत बा. भोजन के बढ़त दाम से हमनी का तबे निबट सकब जब खेती के पैदावार आ उत्पादन क्षमता बढ़ावल जाई. भोजन के सुरक्षा कानूनो खातिर कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी भइल जरूरी बा. बारहवीं योजना में हमनी का एह दिसाईं आपन प्रयास बढ़ाएब.

आजु हम अपना खेतिहर भाई बहिन, खास कर के छोटका आ सीमान्त किसान, के भरोसा दिआवल चाहत बानी कि हमनी का ओह लोग के जरूरत के हमेशा खास ध्यान राखल करब. हमनी के पूरा प्रयास रही कि किसानन के खाद, बीज आ उधार के सहज साधन मिले. हमनी का इहो चाहत बानी जा कि पटवन के बढ़िया से बढ़िया से सुविधा किसानन के दिहलजाव जेहसे कि बरखा भरोसे ओह लोग के कम रहे के पड़े.

आजु देश लगातार महँगाई के मार झेलत बा. कवनो सरकार के ई पहिला जिम्मेदारी बनेला कि महँगाई पर काबू करे. हमनी के सरकार एह जिम्मेदारी के बखूबी समुझत बिया. दाम पर काबू पावे के हमनी के लगातार कोशिश करत बानी जा. कई बेर दाम बढ़ावे के मूल कारण देश के बाहर के हालात होला. पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्यान्न, आ खाये वाला तेल के दाम हाल का समय में दुनिया का बाजार में तेजी से बढ़ल बा. चूंकि हमनी का ई सामान बड़हन मात्रा में आयात करीले से कवनो बढ़ल दाम देश पर मुद्रास्फीति के दबाव बढ़ावेला. कई बेर हमनी के सफलतो मिलल बा दाम पर काबू पावे में बाकिर ऊ सफलता टिकाऊ ना रहल. कुछ दिन पहिले लोग के महँगाई पर चिन्ता पर संसद में विचारो विमर्श भइल. हम रउरा सभ के भरोसा दिहल चाहत बानी कि हमनी का हालात पर लगातार नजर रखले बानी जा कि महँगाई पर काबू पावे खातिर कवन नया कदम उठावल जा सकेला. आवे वाला समय में ई समाधान खोजल हमनी के खास प्राथमिकता में बनल रही.

हम एहू बात से पूरा तरह से वाकिफ बानी के देश के कुछ हिस्सा में उद्योग, संसाधन, आ नगर विकास खातिर भइल जमीन अधिग्रहण से तनाव उपजल बा. एह तरह के अधिग्रहण से हमनी के किसान प्रभावित भइल बाड़े. सार्वजनिक मकसद से जमीन के अधिग्रहण बेशक जरूरी होला बाकिर एकरा साफ आ पारदर्शी तरीका से होखे के चाहीं. जवना लोग के आजीविका ओही जमीन पर टिकल बा ओह लोग के हितो के पूरा रक्षा होखे के चाही. हमनी का तय करब जा कि जमीन अधिग्रहण का मामिला में केहू का साथे कवनो बेइन्साफी ना होखे. हमनी के सरकार एह बारे में ११७ साल पुरान कानून बदल के नया जमीन अधिग्रहण आ पुनर्वास कानून ले आवल चाहत बिया जवन आगा के सोचत आ संतुलित होखे. एह तरह के ड्राफ्ट विधेयक बना लिहल गइल बा आ ओह पर आम सहमति बनावे के कोशिश हो रहल बा. एह दिसाईं जल्दिये संसद में विधेयक पेश कइल जाई.

पिछला सात साल में शिक्षा आ स्वास्थ्य का क्षेत्र में अपना हासिल से हमनी का संतुष्ट बानी जा. चाहे ऊ प्राथमिक शिक्षा होखे, माध्यमिक शिक्षा होखे भा उच्च शिक्षा हमनी का हर स्तर पर बढ़न्ती खातिर ठोस उपाय कइले बानी जा. एकर बढ़िया परिणामो मिलल बा. पिछला कुछ साल में शिक्षा का क्षेत्र में मूलभुत सुधार भइल बा. आजु हर नागरिक के प्राथमिक शिक्षा के अधिकार मिल गइल बा. अब हमनी का माध्यमिक शिक्षा के सर्वव्यापी बनावल चाहत बानी. रोजगार मूलक शिक्षा आ कारीगरी बढ़ावे वाला बदलाव अब एह महत्वपूर्ण क्षेत्र में खास जगहा बना लिहले बा. जरूरी बा कि हमनी का शिक्षा का क्षेत्र में हर पहलू पर समहर नजर राखी जा. एह चलते हमनी का शिक्षा आयोग बनावे के तय कइले बानी जे शिक्षा के हर स्तर के बढ़िया बनावे का दिसाईं नया तरीका सुझाई.

हम कई बेर ११वीं योजना के शिक्षा योजना कहले बानी. १२ वीं योजना में वइसने प्राथमिकता स्वास्थ्य क्षेत्र के दिहल जाई जइसन कि ११वीं योजना में शिक्षा क्षेत्र पर दिहल गइल रहे.हम राष्ट्रीय विकास परिषद का सोझा प्रस्ताव राखब कि १२वीं योजना खास कर के स्वास्थ्य पर केन्द्रित होखो. हम इहो भरोसा दिआवल चाहत बानी कि शिक्षा आ स्वास्थ्य के खास क्षेत्र खातिर धन के समस्या ना आवे दिहल जाई.

बहुते दिन ले हमनी के देश में असंगठित मजदूरन खातिर स्वास्थ्य बीमा के कवनो सुविधा ना रहल. साल २००८ में हमनी का गरीबी रेखा से नीचे रहे वाला अंसगठित मजदूरन खातिर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के शुरु कइनी. पिछला साल एह योजना में मनरेगा, घरेलू काम करे वालन के, बीड़ी मजदूरन के, फेरी लगावे वालन के शामिल करवनी. आजु राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना देश के अढ़ाई करोड़ मजदूरन के सुरक्षा दे रहल बा. हमनी के सरकार के पुरा कोशिश रही कि बेसी से बेसी मजदूरन के एह योजना में ले आवल जाव.

हमनी का देश में भौतिक संसाधन विकसित करे में लगातार लागल बानी जा. एह काम में बहुते धन निवेश के जरुरत पड़ेला. एही चलते पिछला सात साल में हमनी का वइसन योजना बनवले बानी जवना से संसाधन के विकास में निवेश के बढ़ावा मिले. पिछला सात साल में सकल घरेलू उत्पाद का हिसाब से एह क्षेत्र में निवेश डेढ़ गुना भइल बा. पेट्रिलयम उत्पादन में, बिजली उत्पादन में, हवाई अड्डा, सड़क खास कर के गाँव के सड़क, आ बन्दरगाह में हमनी के क्षमता मे बहुते बढ़ोतरी भइल बा. उदाहरण खातिर बिजली उत्पादन १०वीं योजना का मुकाबिले ११ वीं योजना में दुगुना हो गइल बा. १२ वीं योजना में हमनी का संसाधन में निवेश अउरी बढ़ावे जा रहल बानी. देश के सुदूर पिछड़ल आ गँवई इलाकन पर एहमें खास ध्यान दिहल जाई. ओह इलाकन के सड़क आ रेलमार्ग से जोड़े के प्राथमिकता दिहल जाई.

अपना शहरी गरीब भाई बहिनन खातिर हमनी का एह साल बड़हन काम कइले बानी जा. राजीव आवास योजना के हालही में स्वीकृति दिहल गइल बा. एह योजना से हमनी का देश के झुग्गी झोपड़ी मुक्त बनावल चाहत बानी जा. चाहत बानी कि झुग्गी झोपड़ी में रहे वालन के साफ आवास दिहल जाव जहाँ पानी बिजली के सुविधा रहे. राज्य सरकारन का साथ मिल के हमनी का राजीव आवास योजना के राष्ट्रीय मिशन बनाएब जा.

औरतन आ बचवन में कुपोषण हमनी खातिर चिन्ता के बाति बा. एह समस्या से निबटे खातिर हमनी का कई गो काम कइले बानी खास करे के दू गो नया योजना चलावल गइल बा. हमनी का इहो तय कइले बानी कि हमनी का एगो बढ़िया बनावल समन्वित बाल विकास सेवा योजना के अगिला छह महीना में लागी करब जाव जेहसे कि बचवन में कुपोषण के समस्या से निजात पावल जा सके.

जनगणना २०११ का आँकड़न में अधिकतर मामिला में विकास देखल जा रहल बा, बाकिर हमनी खातिर ई बहुते दुखदायी चिन्ता बा कि हमनी के लिंगअनुपात पिछला जनगणना से बिगड़ल लउकत बा. एह समस्या से मुक्ति खातिर ई जरूरी बा कि मौजूदा कानूनन के कड़ाई से पालन कइल जाव आ इहो कि औरतन आ लड़िकियन का प्रति समाज के नजरिया में बदलाव ले आवल जाव. हम राज्य सरकारन से आ सामजिक सेवा संगठनन से खास अपील करब कि औरतन के सशक्तिकरण आ समाज में ओह लोग के हैसियत बढ़ावे का दिसाईं काम कइल जाव.

पिछला महीना मुंबई में भइल आतंकी हमला हमनी के चेतावत बा कि आतंकवाद का खिलाफ लड़ाई में तनिको लापरवाही ना होखे के चाहीं. ई एगो लमहर लड़ाई बावे जवना में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, आ आम आदमी सभका शामिल होखे के पड़ी. हमनी का अपना खुफिया आ सुरक्षा तंत्र के लगातार मजबूत बनावत आइल बानी जा आ आगहू बनाएब जा.

नक्सलवादो से निबटे खातिर हर संभव प्रयास कइल जा रहल बा. हमनी का ओह कारणे के खतम कर दिहल चाहत बानी जवना से ई समस्या पैदा होले. एह से हमनी का देश के चुनिंदा साठ गो पिछड़ल आ आदिवासी जिलन में विकास योजना पर अगिला दू साल में तीन हजार तीन सौ करोड़ के खरचा करे जा रहल बामी.

अपना तेज विकास का साथेसाथ पर्यावरण के बचावलो हमनी खातिर बड़का चुनौती बा. जलवायु में आवत बदलाव हमनी के विकास कार्यक्रम आ राष्ट्रीय संसाधनन खातिर खतरा बनल बा. जलवायु में आवत बदलाव पर हमनी का आठ गो मिशन बनवले बानी आ ओकरा के पूरा करे में लागल बानी. गंगा नदी के सफाई आ संरक्षण खातिर राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण बनावल गइल बा. एगो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरणो बनावल गइल बा जवन कि पर्यावरण से जुड़ल विवादन पे तेजी से फैसला ले सकी. आवे वाला महीनन में हमनी का एहो पर्यावरण आकलन आ नियामक प्राधिकरण बनावे जा रहल बानी जवन कि पर्यावरण स्वीकृति के रफ्तार तेज करी.

तेज आर्थिक विकास का चलते हमनी के देश आ समाज में तेज बदलाव हो रहल बा. आजु हमनी के लोग भविष्य का ओर नया आशा से देख रहल बा. आजु लोग के उम्मीद बहुते बढ़ गइल बा. हमनी के नौजवान नया नया उपलब्धता हासिल करत बाड़े. हमनी का अइसन माहौल बनावे के चाहीं जेहसे लोग के उर्जा आ उत्साह के राष्ट्रनिर्माण में लगावल जा सके. हमनी के संस्थान लोग के क्षमता के भरपूर उपयोग खातिर उत्साहित करे. हमनी के उद्यमी आ व्यवसायी अपना काम में कवनो बाधा मत पावसु. उद्योगी लोग नया उद्यम शुरू करे जेहसे हमनी के नौजवानन के उत्पादक रोजगार के नया राह मिलत रहो. हमनी का ओह तरह के राजनीति आ सोच से फरका रहे के चाहीं जवन कि उद्योग, व्यवसाय आ निवेश से जुड़ल लोग का मन में संशय भा अनेसा पैदा करे.

१२० करोड़ के आबादी वाला हमनी के लोकतंत्र खातिर ई कवनो साधारण हासिल नइखे कि बहुते धर्म, भाषा, आ सभ्यता का बावजूद हमनी का विकास का राह पर तेजी से आगा बढ़त बानी जा. हम देश के नागरिकन के एह हासिल खातिर बधाई देत बानी. बाकिर हमनी के इहो सुनिश्चित करे के चाही कि तेज विकास का चलते गैर बरोबरी मत बढ़ जाव.

हमनी का अपना विशाल आ बहुमुखी देश के तेज विकास का राह से बदले का सफर पर चलल बानी जा. अइसन विकास जवन देश के हर नागरिक खातिर होखे. स्वाभाविक बा कि बदलाव का एह प्रक्रिया में कुछ तनावो पैदा हो जाव. लोकतंत्र में वइसन तनाव राजनीतिक ध्रवीकरण के विषयो बनि जाला. हमनी के देखे के होई कि राजनीतिक दलन का बीच एक दोसरा के विरोध आ वाद विवाद से प्रगति के रफ्तार में कमी मत आवे.

हमनी के इहो भरोसा होखे के चाही कि हमनी के लोकतंत्र, हमनी के संस्थान, हमनी के सामाजिक आदर्श आ मूल्य कवनो तरह के बाधा से निबटे में सक्षम बावे. हमनी के खुद अपना पर भरोसा होखे के चाही. ई आस्था कि हमनी का अपना खातिर आशावादी भविष्य बना सकीले. ई आस्था कि एक रहि के हमनी के अधिकतर कठिनाई से पार पा लेब जा. आईं हमनी का अपना देश के उज्जवल भविष्य बनावे में लागी जा.

दुलरुआ लड़िका लोग, हमरा साथे नारा लगावऽ लोग

जय हिन्द !
जय हिन्द !
जय हिन्द !


(जानकारी – ई भाषण १५ अगस्त २०११ के लालकिला का प्राचीर से दिहल गइल प्रधानमंत्री के भाषण के भोजपुरी अनुवाद ह. प्रधानमंत्री अपना भाषण के हिन्दी में पढ़ले. – संपादक)

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