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बनचरी (भोजपुरी के कालजयी उपन्यास के सतवीं कड़ी)

February 21, 2015 Editor 0

– डा॰ अशोक द्विवेदी फजीर होते, भीम आश्रम से निकलि के सीधे जलाशय का ओर चल दिहलन. माता के प्रातः दरसन आ परनाम का बाद, […]

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बनचरी (चउथी कड़ी)

January 17, 2015 Editor 1

– डा॰ अशोक द्विवेदी एगो विशाल बटवृक्ष का नीचे पत्थर शिला खण्ड का टुकड़न से सजाइ के एगो चबूतरा बनावल रहे. वृक्ष का एकोर ओइसने […]

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बनचरी (तिसरकी कड़ी)

January 13, 2015 Editor 0

– डा॰ अशोक द्विवेदी सोझा बन के कुछुए भीतर एगो बड़का झँगाठ फेंड़ का ऊपर से दू गो आँख ओनिये टकटकी बन्हले भीम आ उनका […]

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बनचरी (दुसरकी कड़ी)

December 24, 2014 Editor 0

– डा॰ अशोक द्विवेदी भयावह आ भकसावन लागे वाला ऊ बन सँचहूँ रहस्यमय लागत रहे. जब-तब उहाँ ठहरल अथाह सन्नााटा अनचीन्ह अदृश्य जीव जन्तु भा […]

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बनचरी (पहिला कड़ी)

December 12, 2014 Editor 2

– डा॰ अशोक द्विवेदी गंगा नदी पार होत-होत अँजोरिया रात अधिया गइल रहे. दुख आ पीरा क भाव अबले ओ लोगन का चेहरा प’ साफ-साफ […]

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बनचरी : भोजपुरी में कालजयी उपन्यास

December 12, 2014 Editor 1

दुर्गम बन पहाड़न का ऊँच-खाल में जिए वाला आदिवासी समाज के सहजता, खुलापन आ बेलाग बेवहार के गँवारू, जंगलीपना भा असभ्यता मानेवाला सभ्य-शिक्षित समृद्ध समाज […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – २०

August 17, 2013 Editor 0

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अनइसवाँ कड़ी में वकील साहब का फेर मे फँसल ठकुराइन आ धारा ६०४ वाला […]

लोक कवि अब गाते नहीं – १९

July 22, 2013 Editor 1

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अठरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़नी कि कइसे मीनू अपना भतार से झगड़ा क के […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – १८

May 17, 2013 Editor 0

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सतरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़त रहलीं मीनू का बारे में. कि कइसे ओकरा गवनई […]

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आवऽ लवटि चलीं जा – (1)

May 14, 2012 OmPrakash Singh 0

– डा॰अशोक द्विवेदी भाई का डंटला आ झिरिकला से गंगाजी के सिवान छूटल त बीरा बेचैन होके अनासो गांव चौगोठत फिरसु. एने ओने डँउड़िआइ के […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – १७

April 1, 2012 OmPrakash Singh 0

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सोरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि कइसे आपन दलाली वसूले का फेर में […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – १६

January 14, 2012 OmPrakash Singh 0

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) पन्दरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि कइसे गणेश तिवारी झूठ के साँच आ […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – १५

December 22, 2011 OmPrakash Singh 1

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) चउदहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि गोपाल पंडित के बेटी के बिआह खातिर […]

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लोक कवि अब गाते नहीं – १४

November 12, 2011 OmPrakash Singh 0

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) तेरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि कइसे लोक कवि के भतीजा एड्स के […]