Month: सितम्बर 2016

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 4

  भोर भिनुसार “भोर भिनुसार” संतोष कुमार के कविता संग्रह हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2015 में शारदा पुस्तक मंदिर, एफ- 163/डी, दिलशाद कोलानी, दिल्ली-110095 से भइल बा. एकर कीमत…

दिल्ली में मंचित भइल भोजपुरी नाटक “ठाकुर के कुइयाँ”

इन्टरनेट आ तकनीक के जमाना में रंगमंच आ रंगकर्म ओहू में भोजपुरी के रंगमंच के जिन्दा राखल भी पहाड़ चीर के रास्ता बनवला से तनिको कम नइखे. दिल्ली में नाटक…

घूँघट आउर इज्जत

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   बीच बाजार में उ जब घूँघट उठवनी केतनन के आह निकलल कुछ लोग नतमस्तक भईल केहू केहू खुस भईल बाकि कुछ के आवाज बिला गईल  …

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 3

एकलव्य     “एकलव्य” डॉ. गोरखनाथ ‘मस्ताना’ के एगो प्रबंध काव्य हटे, जवना के प्रकाशन सन्  2012 में खुराना पब्लिशिंग हाउस, 94, मानक बिहार, दिल्ली-110092 से भइल बा. एकर कीमत…

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 2

तीन डेगे त्रिलोक             “तीन डेगे त्रिलोक” गंगा प्रसाद ‘अरुण’ के भोजपुरी हाइकु संग्रह हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2013 में सिंह्भूम जिला भोजपुरी साहित्य…

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 1

                जिनिगी पहाड़ हो गईल “जिनिगी पहाड़ हो गईल” डॉ. गोरखनाथ ‘मस्ताना’ के भोजपुरी कविता संग्रह हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2008 में…

सनेही आ लेखक लोगन से निहोरा

‘अँजोरिया’ भोजपुरी समाज, साहित्य आ संस्कृति के पत्रिका हटे. बीच में कुछ कारण से एकरा के भोजपुरिका पर डाल दीहल रहुवे बाकिर पाठकन के कमी देखत ओकरा के बन्द क…

हे ! नाग देवता पालागी !

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा  बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी  सीकमभर  उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी !   हरदम  तोसे नेह  देवता…

जिउतिया के शुभकामना

भोजपुरिका का ओर से जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) के बहुत-बहुत शुभकामना. कवनो देश हमरा भारत पर आँखि उठाके देखे से पहिले एक बेरि जरूर सोचि लेव कि छल आ धोखा ओकरा कामे ढेर…

माई अब जोखाए लगली

– रश्मि प्रियदर्शिनी अँगना-दुअरा एक कs देवेले लोग कहेला माई के गोड़िया में चकरघिन्नी बा दुअरा के बंगली से अँगना के रसोई तक चलत रहेले चलत रहेले   परिकरम करे…