बलिया, 27 मई. विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया इकाई आ पाती-रचना मंच के साझा आयोजन में आजु बिहार आ यूपी के सुदूर जनपदन से आइल विद्वान, रचनाकार, अउर सृजनकर्मी तिक्खर घाम आ गर्मी का बावजूद बढ-चढ़ के हिस्सा लिहलें. बलिया के बापू भवन (टाउन हॉल) में आचार्य रह चुकल आपूरा पढ़ीं…

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भोजपुरी के ई पारम्परिक सोहर गीत भोजपुरी फिलिम पिया के गाँव में फिलिमावल गइल रहुवे. एकर संगीत दिहले रहलें मशहूर संगीतकार चित्रगुप्त आ किरदार निभवले रही मीरा माधुरी. एह गीत के यू ट्यूब पर इण्डिया सिंह का नाम से फरवरी 2009 का दिने डालल गइल रहुवे आ तबसे एकरा केपूरा पढ़ीं…

जमूरा, जो पूछेगा बताएगा ? हाँ मालिक. जो बताएगा सो करेगा ? हाँ मालिक. अब पिछला हफ्ता देश में अइसन जमूरन के जगहे-जगह देखल गइल. हर जगहा जमूरा अपना मालिक के हुकुम पर काम करत लउकल. आ लउकीत कइसे ना, ना लउकीत त जमूरा कइसे कहाईत ? बहुत पहिले सेपूरा पढ़ीं…

नामी ज्ञानी आ विचारक लोग बड़हन-बड़हन ग्रन्थ लिख के ओतना ना समुझा पावे जतना एकाध लाइन में ट्रक-बस का पाछे लिखे वाला बरनन कर जाले. आ एही में जोड़ल जा सकेला सोशल मीडिया के ज्ञानियन के. इहो लोग कुछेक लाइन में अतना ज्ञान परोस देला कि लागेला कि अइसनके लोगपूरा पढ़ीं…

हमहीं ना बहुते लोग बस-ट्रक का पीछे लिखल तरह तरह के संदेशन के धेयान से देखेला आ ओहसे जनता के नब्ज धरे के कोशिश करेला. कई बेर बसन पर लिखल ई संदेश पढ़ले बानी कि – लटकले त गइले बेटा ! आजु जब एह पर देश के मौजूदा हालात देखतपूरा पढ़ीं…