Month: अप्रैल 2021

आइल हितई में चार दिन ला बाकिर हलफा मचा के गइल

लोकप्रिय गायक अजय पाण्डेय के निधन जे लोग अपना सुपर-डुपर गीतन से भोजपुरी लोकगीत गवनई के मड़ई उठा के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच तक ले गइल, ओह गायकन में अजय पाण्डेय जिओ…

अर्जुन तिवारी जी के निधन

बहुत दुखद समाचार बा कि पत्रकारिता का सङहीं भोजपुरी के ‘साहित्य का इतिहास’ आ ‘शब्दकोश’ जइसन बहुमूल्य उपहार भोजपुरी के देबेवाला आ लगातार समर्पित भाव से भोजपुरी में लेखन करेवाला…

भोजपुरी संगम, गोरखपुर के 134 वीं बइठकी

‘भोजपुरी संगम’ के 134 वीं ‘बइठकी’ संस्थापक सदस्य स्वर्गीय सत्यनारायण मिश्र ‘सत्तन’ के खरैया पोखरा, बसारतपुर, गोरखपुर स्थित आवास पर प्रो. राम दरस राय के अध्यक्षता आ पुरनिया कवि चंदेश्वर…

सतीश प्रसाद सिन्हा जी के निधन

भोजपुरी गीत नवगीत के बरियार हस्ताक्षर सुप्रसिद्ध साहित्यकार सतीश प्रसाद सिन्हा जी के निधन के खबर पा के मन बहुते दुखी हो गइल. सतीश प्रसाद सिन्हा जी के जनम 1…

‘कथ’ आ शिल्प के तनाव में अर्थ के ‘लय

डॉ. उमाकान्त वर्मा (अपना कवनो परिचित-अपरिचित, बोझिल स्थिति से उकेरल प्रभाव के मानसिक दबाव के महसूस करीले त हमार सृजन प्रक्रिया सुगबुगाले। ई दबाव कथ आ शिल्प दूनों में होला…

देखीहऽ मुख्तार, फँसरी मत लगा लीहऽ

दयानंद पांडेय ई कइसन धागा हऽ जवना से अइसन चादर बुन लीहलऽ मुख़्तार अंसारी कि दुनिया के डेरावत-डेरावत अपने डेराए लगलऽ ? पतई लेखा काँपे लगलऽ हाईवे पर? आखिर कइसन…

चइती गीत – सैंया बिना लागे नाहीं मनवा हो रामा

लाल बिहारी लाल सैंया बिना लागे नाहीं मनवा हो रामा,चइत महिनवा, हो चइत महिनवा.सुना-सुना लागे ला भवनवा हो रामा,चइत महिनवा, हो चइत महिनवा. बगिया में बोलेले, जब जब कोइलिया,बगिया में…

मछरी

रामेश्वर सिंह काश्यप ताल के पानी में गोड़ लटका के कुंती ढेर देर से बइठल रहे। गोड़ के अंगुरिन में पानी के लहर रेसम के डोरा लेखा अझुरा जात रहे…