– पाण्डेय हरिराम

गृहमंत्री महोदय कांग्रेस चिंतन शिविर के मंच से एगो नायाब रहस्योद्घाटन कइलन कि संघ क प्रशिक्षण शिविरन में हिंदू आतंकवादी तइयार कइल जात बाड़े. बाद में कुछ अउरी नेता एह बात के राजनीतिक रंग देबे खातिर कहलन कि उनकर (गृहमंत्री क) कहे के मतलब रहल भगवा आतंकवाद से. भगवा आतंकवाद क बात त हमनी के चिदम्बरम साहब अरसे से उठावत रहल बाड़े. अब कांग्रेसी भगवा से आगे बढ़ के हिंदू आतंकवाद क बात करत बाड़े. ऊ त इहो कहत बाड़े कि महात्मा गांधी हिंदू आतंकवाद के भेंट चढ़ गइले. शायद ऊ आगे चल के इहो कहीहें कि यह इंदिरा जी सिख आतंकवाद क शिकार भइली आ राजीव गांधी तमिल आतंकवाद के शिकार बन गइले. भारत में आतंकवाद के बढला के कारण इहे बा कि ओकरा के अलग अलग खांचा में बांट के परिभाषित कइल आ ओही हिसाब से ओकरा से निपटे के कोशिश कइल.

जहां ले हिंदू आतंकवाद के सवाल बा त माननीय गृहमंत्री महोदय के ई त मालूमे होई कि एह धरती पर कुल्ह आबादी में हर छठवाँ आदमी हिन्दू ह. साथ ही ई कि हिंदुअन में आतंकवाद के भावना ना के बराबर होले. ना त ई कौम अपना सगरी वीरता आ दौलत के बावजूद सैकड़न साल ले गुलाम ना रहल रहीत. एह बात के तमाम ऐतिहासिक, शास्त्रीय प्रमाण मौजूद बा कि भारत के असली खूबी दरअसल एकर सनातनी विचार धारा में बा. एही खूबी के चलते आजुओ ओकर अस्तित्व कायम बा. “यूनान मिस्र ओ रोमां सब मिट गये जहां से, अब तक मगर है बाकी नामोनिशां हमारा. कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा.” ई हिंदुत्वे ह, जवन हिन्दुस्तानी ईसाइन भा मुसलमानन के ब्रिटिश ईसाई आ अरबी मुसलमानन से अलगा करेला आ ओकरो के ओतने इज्जत देला, जतना ऊ अपना साथी के देला. दुनिया में हिन्दूए एगो अइसन कौम ह जे अवतारन पर भरोसा कइला का साथे एहू बात पर विश्वास करेले कि समय-समय पर अलग अलग रूपन में भगवान के अवतरण हो सकेला – “तदात्मानं सृजाम्यहम्”.अब तक ले के इतिहास गवाह बा कि हिंदू कबो केहू पर हमला नइखन कइले आ ना ही आपन धरम जबरदस्ती मनवावे के कोशिशे कइले बा. तैमूरलंग के कइल हिंदू कत्ल-ए-आम से लगाइत गोवा में पुर्तगाली ईसाइयन का हाथे ब्राह्मïणन के कत्ल अउर कश्मीरी पंडितों पर भइल जुल्म के प्रतिकार कातिर का कबो कवनो हिंदू संगठन कुछ कइलस? अगर गृहमंत्री जी के मालूम होखे त देश के बतावसु.

लोग अगर आतंकवाद के सांप्रदायिक नजरिया से देखे के आदत राखी, त भगवा आतंकवाद, लाल आतंकवाद, हरा आतंकवाद, हिंदू आतंकवाद, मुस्लिम आतंकवाद, सिख आतंकवाद, तमिल भा सिंहली आतंकवाद वगैरह मुहावरे बने लागी आ चले लागी. ई नजरिया कहां ले उचित बा, एह पर बहस होखे के चाहीं आ सही नजरिया से जवन नजारा हमहन का नजर का सोझा बा, ओकरा के देखे के कोशिश होखे के चाहीं. एह तरह के बयान आ विश्लेषण कांग्रेस अपना के सेक्युलर साबित करे ला करेले. बाबरी मस्जिद के गिरल कांग्रेसी छद्म सेक्युलरवाद के आसमानी महल के गिरल रहे, ई ओकरा छद्म सेक्युलरवाद के प्रमाण बा.

अब रहल बात संघ आ बीजेपी के, त ओकरा हाथ में भगवा झंडा बा. मुंह में नारा बा “गर्व से कहो हम हिंदू हैं”, मगर कांग्रेसियने का तरह ओकरो हिंदूवाद में निष्ठा नइखे. एकर प्रमाण बा – राम मंदिर के निर्माण ना होखल. संघ-बीजेपी राम मंदिर क नाम पर देश के साधु-संतन से पइसा के उगाही करवलें आ मंदिर बनावे क बदले ओहसे चुनाव लड़ गइले. सत्ता हासिल कइले आ तबहियों राम मंदिर ना बनवलें. सत्ता में अइला क बाद उहो तुष्टिकरण के कांग्रेसी राह धर लिहले. ई संघ-बीजेपी के छद्म हिंदूवाद के प्रमाण बा. भाजपा के छद्म हिंदूवाद के बदनाम क के सियासी लाभ लेबे के छद्म सेक्युलरवादियन के कोशिश में बदनाम कइल जात बा समस्त हिंदू जाति के. ई कहाँ ले उचित बा?
(२४ जनवरी २०१३)


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार “सन्मार्ग” के संपादक हईं आ उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखल करेनी.

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