– डा. अशोक द्विवेदी छोट घर-बार में हमहन क, अब समाव कहाँ नेह ऊ बा कहाँ अपनन में, ऊ लगाव कहाँ जीउ टेघरे लगे गैरन के लोर चुवला पर अब भला गाँव के लैनू नियर सुभाव कहाँ बा खनक दाम के, अइँठन बा कुछ कमइला के यार पहिले नियर उपूरा पढ़ीं…

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– भगवती प्रसाद द्विवेदी भोजपुरी में लोकगायकी के एगो लमहर, निठाह आ बड़ा सुघर परम्परा रहल बा. खाली पचीस-तीस करोड़ भोजपुरी बोले वाला लोगने में ना, बलुक देश-विदेश के अउर दीगर भाषा बोलनिहारनों के बीच में भोजपुरी गीत गवनई के धूम शुरूए से मचत रहल बा. अब त एकर शोहरतपूरा पढ़ीं…

– बलभद्र सात पुहुत के उखड़ गइल खूँटा बेंचा गइलें स बैल दुआर कुछ दिन रहल उदास बाकिर सन्तोषो ई कम ना रहल कि अतना जोतइला के बादो निकल गइल दाम गहँकी अइलें स तय भइल दाम धरा देल गइल पगहा पगहा धरावत दाम धरत माथ पर गमछा धइल नापूरा पढ़ीं…

– डा. प्रमोद कुमार तिवारी लोक के नाँव लेहला पऽ मन में ओकर दू गो छवि बनेला. एगो छवि में कलकल नदी बहेले, फल से गदराइल पेड़ लउकेला, गीत आ उत्सव से भरल खुशहाल लोग नजर आवेले आ हरियाली भरल खेत के बीच से कच्चा पगडंडी पऽ पोंछ उठा केपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी के शेक्सपियर कहाए वाला भिखारी ठाकुर के जन्मदिन पर वाराणसी में आयोजित समारोह में भोजपुरी कलाकार वैष्णवी के भिखारी ठाकुर सम्मान से सम्मानित कइल गइल. इनका साथही चार लोग अउर के ई सम्मान मिलल. सम्मानित होखे वालन में प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय, डा. सुमन सिंह, शिवनाथ मिश्र आ श्रीनाथपूरा पढ़ीं…

– अल्पना मिश्र (1) प्रेम में डूबल औरत प्रेम में डूबल औरत एक-एक पल-छिन सहेजत-सम्हारत रहेले। ‘कइसे उठाईं ई ‘छन’ कहाँ धरीं जतन से…’ इहे सोच-सोच के कई बरिस ले मुस्कियात रहे ऊ मने-मन कि अइसन होई ऊ …ओइसन होई कइसन होई… तऽ ऊहे चलि आइल एकदिन दबे-पाँव। प्रेम मेंपूरा पढ़ीं…

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी हमरा मालूम न नीमन-बाउर, भर दिन कलई खोलब. हमहु बोली बोलब. चीचरी परलका कागज लाइब, दुअरा बईठ के किरिया खाइब, मंच पर चढ़के दांत चियारब, जी भर माइक तोड़ब. हमहु बोली बोलब. बिन गिनती हम पाला बदलब, हर दम साधब आपन मतलब. बुड्बकन के बांटब पाहुर,पूरा पढ़ीं…

-डा.अशोक द्विवेदी लोकमन आ लोकरंग के चतुर चितेरा भिखारी ठाकुर आजुओ भोजपुरी के सबसे चर्चित व्यक्ति बाड़न. केहू उनके समय-संदर्भ के सर्वाधिक चर्चित नाटककार का रूप में, भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’ मानल त केहू भोजपुरी भाषा-साहित्य के प्रचार-प्रसार खातिर ‘भारतेन्दु’ का नाँव से नवाजल. पुरबी राग के जनक महेन्दर मिसिर कापूरा पढ़ीं…

भोजपुरी के लोकचितेरा कवि, नाटककार, समाज सुधारक भिखारी ठाकुर के जयंती एह साल उनका गाँवे कवनो समारोह नइखे होखत. पहिला बेर वाराणसी में भिखारी ठाकुर के जयन्ती समारोह आयोजित होखत बा. भिखारी ठाकुर के जनम सारण जिला के दियरा इलाका के गाँव कुतुबपुर में आजुए का दिने 18 दिसंबर केपूरा पढ़ीं…

परधानी चुनाव का दौरान गाँव पर भोजपुरी पत्रिका पाती के संपादक डा॰ अशोक द्विवेदी से भइल मुलाकात में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा॰ अवधेश प्रधान बतवलन कि मारीशस यात्रा का दौरान यूपी के मंत्री अम्बिका चौधरी ओहिजा मंच से एलान कइले रहलन कि ‘बीएचयू में विश्व भोजपुरी सम्मेलन करावलपूरा पढ़ीं…

जे के फिल्म्स क्रिएशन आ एस जी आर एंटरटेनमेंट के बैनर तले बने जात भोजपुरी फिल्म ‘विद्रोह’ के शुभ मुहूर्त मुजफ्फरपुर में विधायक अशोक चौधरी दिया जरा के कइलन. एह मौका प विधायकजी भोजपुरी फिल्मन में पसरत फूहड़पन पर अफसोस जतावत जे के फिल्म्स क्रिएशन आ एस जी आर एंटरटेनमेंटपूरा पढ़ीं…