– रामरक्षा मिश्र विमल (-अबकी 23 सितंबर 2016 के जिउतिया व्रत पड़ल बा. एह मौका पर पहिले से प्रकाशित आलेख कुछ नया चित्र का साथे दुबारा दिहल जात बा. एह चित्रन का साथे विमल जी लिखले बानी कि एह तरह के लेखन आ सामग्रियन के जुटावे आ प्रदर्शित करे के पीछेपूरा पढ़ीं…

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   नइकी शादी छंटल  बहुरिया डिस्को झारत भर दुपहरिया भइया फ्रिज में पानी राखस लुग्गा धोवे  रोज तिसरिया अब मइया न बलाएँ लेती . बहल गाँव बिलाइल खेती .   बइठल दुअरे बब्बा रोवें घरवां दादी बरतन धोवें चच्चा  गोबर फेकें घूरे बुआ चुहानी रोटी पोवेंपूरा पढ़ीं…

भोजपुरिका का ओर से अनऽत (अनंत चतुर्दशी) के बहुत-बहुत शुभकामना. आजुए के दिन अनंत भगवान के पूजा कइके अनऽत (अनंत सूत्र) बान्हल जाला जवन हर संकट से रक्षा करेला.मान्यता बा कि जब पांडव जुआ में आपन मए राज-पाट हारि गइले तब प्रतिज्ञानुसार ऊहन लोग के बारह बरिस के वनवास भोगेके परल.जब ऊपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह कवनो कार भा कार्य जवन बल का भरोसे – बलाते – कइल जाव ओकरा के बलात्कार मान लीहल जाला. अब बलातो त कई तरह के काम क लीहल जाला बाकिर व्यवहार में ई दू गो विपरीत लिंगियन का बीचे बलाते भइल सेक्स खातिर मान लीहल गइलपूरा पढ़ीं…

जाल, जाला, जाली, जंजाल, संजाल, मायाजाल, इंद्रजाल, मोहजाल, महाजाल; पता ना कतना जाल आ कतना जाला कि सझुरावते परेशान हो जाए आदमी. जाल बुनल जाला, जाला लाग जाला आ जाली बनावल जाले. कबो दोसरा खातिर त कबो अपना खातिर. एह जाल के दायरा अतना बड़ बा कि बुझाते नइखे केनेपूरा पढ़ीं…

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल   शास्त्रन में तीज के हरितालिका नाम से जानल जाला. “हरितालिका” शब्दो एह ब्रत खातिर खूब प्रचलित बा. भादो का अँजोर में तृतीया तिथि1 के एकर अनुष्ठान कइल जाला. पति खातिर ‘तीज’ आ बेटा खातिर ‘जिउतिया’ से बड़ ब्रत ना मानेलिन मेहरारू लोग. ई मान्यता बापूरा पढ़ीं…