Author: कार्यकारी सम्पादक

नीक-जबून-14

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल दहेज के बाइ-बाइ बिहार के एगो समाचार काफी चर्चित भइल. अब बिहार में सरकारी नौकरी खातिर चुनल गइल जुवकन के दहेज लिहला पर नौकरी से…

नीक-जबून-13

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल बाबूजी के याद कइल अंधविश्वास हटे ? ओइसे त हर साल पितृपक्ष पर अपना तथाकथित विद्वान मित्र लोगन के टिप्पणी कहीं ना कहीं पढ़त रहींले…

नीक-जबून-12 : भोजपुरी खातिर अनुराग

डायरी   – डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल   आज का पीढ़ी में भोजपुरी खातिर अनुराग देखिके बहुत नीक लागता। बाकिर, सोशल साइट पर गइला पर तब मन बहुत दुखी होला,…

नीक-जबून – 10 ( विमल के डायरी )

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल बोले खातिर बोलल जब से नोकरी के शुरुआत भइल तबे से देखत आ रहल बानी. आजु तक एहमें कवनो कमी नइखे आइल, बढ़ंतिए भइल बा.…

भगवती प्रसाद द्विवेदी जी के मिलल बाल साहित्य भारती सम्मान

लमहर समय से नीमन नीमन बाल साहित्य रचत आवत भोजपुरी हिन्दी के अनन्य  साधक भगवती प्रसाद द्विवेदी जी के आजु उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का तरफ से दू लाख रुपिया नगद…

गोधन

– रामरक्षा मिश्र विमल हमनी के ‘गोधन’ (भैया दूज) मनावे के तरीका अलग होला। आजु भोरहीं मए बहिनि अपना भाई के भर मन सरापेली सन आ फेरु जीभि में रेंगनी…

स्व. परमेश्वर दूबे ‘शाहाबादी’ के शोध ग्रंथ के लोकार्पण समारोह

जमशेदपुर के प्रतिनिधि साहित्यिक संस्था ‘रचनाकार’ का बैनर तले एकर संस्थापक सचिव डॉ परमेश्वर दूबे ‘शाहाबादी’ के शोध ग्रंथ “पूर्वी उत्तरप्रदेश की भोजपुरी लोककथाओं का सामाजिक अध्ययन” के लोकार्पण 8…

हर रंग में रंगाइल : ‘फगुआ के पहरा’

– केशव मोहन पाण्डेय एगो किताब के भूमिका में रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव ऊर्फ जुगानी भाई लिखले बाड़े कि ‘भाषा आ भोजन के सवाल एक-दोसरा से हमेशा जुड़ल रहेला. जवने जगही क भाषा गरीब…

भोजपुरी समाज, दिल्ली के सम्मान समारोह

“पूर्वांचल के माटी उर्वर हटे.एहिजा के लोग दिल्ली का, कतहीं अपना मेहनत से मिट्टी के सोना बना देलन.” ई बात रविवार, दिनांक 25 जून के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भोजपुरी…

नीक-जबून-9

डायरी – डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल बुदबुदाई अब समय मौसम के सुगबुगाहट के पता साफ-साफ चल जाता. काल्हु तक के टेढ़ आ लरुआइल पतइयो आजु हवा का सङे घुमरी-परउआ खेले…