Advertisements

Category: कविता

माई

– डॉ राधेश्याम केसरी हमरे से खनदान पटल बा, जिनिगी से जज्बात जुड़ल बा हम हमार, घर दुअरा खातिर...

Read More

गीत

– शिवजी पाण्डेय ‘रसराज’ हम गरीबने पर अइसन, अन्हेर काहें? देहि धुनलो पर खइला में देर काहें?...

Read More

गजल

– अशोक कुमार तिवारी हो गइल छीछिल छुछुन्नर, दिल कहाँ दरियाव बा, अब उठावे ना, गिरा देबे में...

Read More
Loading
Advertisements

Categories

सूचना

देवी गाथा “कहनिया दुर्गा माई के” दुर्गा सप्तशती की प्रामाणिक कथा की एक मौलिक एवं सुमधुर प्रस्तुति है। इसे भोजपुरी भाषा की सहज और सरल शैली में लिखा और गाया है डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल ने।
‘अँजोरिया’ भोजपुरी समाज, साहित्य आ संस्कृति के पत्रिका हटे. बीच में कुछ कारण से एकरा के भोजपुरिका पर डाल दीहल रहुवे बाकिर पाठकन के कमी देखत ओकरा के बन्द क देबे के फैसला मजबूरी में लेबे के पड़ल. अब फेरू सगरी सामग्री वापस अँजोरिया प आ गइल बा. समाचार, साहित्य से मनोरंजन तक के रउरा चाव के विविध सामग्री परोसे के शुरुवे से हमार मन रहल बा आ आपन हर कोशिश कइले बानी कि भोजपुरिया समाज के ज्यादा से ज्यादा संतुष्ट कर सकीं आउर भोजपुरिया स्वाभिमान के संपुष्ट कर सकीं. 1. आत्मीय सनेही लोगन से निहोरा बा कि अँजोरिया पर रोज कम से कम एक बेर जरूर आईं सभे, जवने नीक लागे, पढ़ीं सभे आ आपन बहुमूल्य टिप्पणी दिहीं सभे. 2. आदरणीय लेखक लोगन से निहोरा बा कि रउँआ सभ आपन हर विधा आ विषय के सामग्री प्रकाशित करे खातिर नीचे लिखल दूनो मेल आइडी पर आपन रचना हिंदी के यूनिकोड भा कवनो फंट में टाइप कइके भेजीं. anjoria@outlook.com ksbhojpurika@gmail.com