सेतु न्यास मुंबई का सौजन्य से भागलपुर, देवरिया में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के सालाना बइठक का मौका पर एगो भोजपुरी कवि सम्मेलनो आयोजित भइल जवना में स्थनीय कवि नित्यानंद आनन्द का साथ ही बाहरो से आइल कवि लोग आपन कविता सुना भा गा के सुनेवालन के भोजपुरी कविता के विस्तारपूरा पढ़ीं…

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काल्हु देवरिया के भागलपुर में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बइठक में संगठन के अध्यक्ष सतीश त्रिपाठी के बेबसी बरबस छलक आइल सभका सोझा जब ऊ आपन इस्तीफा देबे के मनसा जतवलन. बाकिर उनुका आपन बात कहे से पहिलहीं एह संगठन पर आपन पूरा पकड़ बनवले राखेवाला अरुणेशपूरा पढ़ीं…

भारत के राष्ट्रपति रहल, परमाणु वैज्ञानिक, महान राष्ट्रभक्त, सरस्वती साधक अवुल पकीर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम साहब के आज अचानके निधन हो गइल. देश दुनिया में मिसाइल मैन का नाम से मशहूर अब्दुल कलाम साहब के याद ना रहल कि जब मिसाइल छोड़ल जाले त ओकरा पहिले पूरा तइयारी होला आपूरा पढ़ीं…

सेवा में प्रधान मंत्री, भारत सरकार द्वारा – भोजपुरिका डाॅटकाॅम महाशय, हम रास बिहारी गिरी (रवि) आ भोजपुरीका वेबसाइट के जरिए रउआ से आपन दुखड़ा सुनावे के चाहत बानी. खराब लागी त ई समझ के माफ़ कर देम की ई एगो पीड़िता के अनदेखी से निकलल ब्यथा ह. हमारा संगेपूरा पढ़ीं…

– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह गइलन आ चलपूरा पढ़ीं…

– शिलीमुख बात के बतंगड़ बनावल एघरी अइसन प्रचलन में आ गइल बा कि पूछीं मत. देश के राजनीतिक दल एकरा के आपन प्रमुख अस्त्र बना लेले बाड़ें सऽ. हर बात में हुज्जत करत ”धोती-कुर्त्ता फार के/ सड़क प निकल जा झार के.“ मीडिया चैनलन के खुरपेंची दिमाग अइसने कुलपूरा पढ़ीं…

18 जुलाई 2015 का दिने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस का कॉफी हाउस में भोजपुरी भाषा के अस्मिता बचावे खाति एगो विचार गोष्ठी भइल. एह बईठक में दिल्ली आउर बिहार के कुछ संगठन के प्रतिनिधि आ बुद्धिजीवी लोग के जुटान भइल आ भोजपुरी के अस्मिता के रक्षा खाति सभे केपूरा पढ़ीं…

आजु से बारह बरीस पहिले भोजपुरी के पहिलका वेबसाइट अंजोरिया डाॅटकाॅम के शुुरुआत भइल रहुवे. तब से आजु ले बहुते कुछ बदल गइल. नेट पर सैकड़ो वेबसाइट हो गइल बाड़ी सँ भोजपुरी के. अलग बात बा कि भोजपुरी में ना चला के ओकनी में से अधिका वेबसाइटन के हिन्दी भापूरा पढ़ीं…

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल झीमी-झीमी बूनी बरिसावेले बदरिया लागेला नीक ना । हँसे सगरी बधरिया लागेला नीक ना । सरग बहावेला पिरितिया के नदिया छींटे असमनवा से चनवा हरदिया धरती पहिरि लिहली हरियर चुनरिया लागेला नीक ना । नील रंग के किनरिया लागेला नीक ना । बरिसि-बरिसि घन पात-पातपूरा पढ़ीं…

– अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु” सच बोलहू में अब सवाल हो रहल बा, खुदके मिटावे खातिर बवाल हो रहल बा, ना रही बाँस ना बाजी बाँसुरिया ऐ विष्णु, कफ़न ओढावे खातिर कमाल हो रहल बा़॥ महाभारतानुसार अब गुरु शिक्षक हो रहल बा, आस्था के सामने धरम भिक्षुक हो रहल बा,पूरा पढ़ीं…