Tag: कविता

सोचऽ आजादी पउलस के

रामजियावन दास बावला देश भयल आजाद मगर रण कै बरबादी पउलस के,सोचऽ आजादी पउलस के ? के के आपन खून बहावल,के आपन सर्वस्व लुटावल,केकर लड़िका बनै कलक्टर ई ओस्तादी पउलस…

बदलत-समय

डॉ अशोक द्विवेदी सगरी परानीभइल आजु शहरीगँउवाँ का बिचवाँ मेंसून परल बखरी ! घरनी ले पुतवे का छोह में धधइलीपूत का गदेलन में जाइ अझुरइलीबुढ़ऊ के बहरी कझाँय-झाँय कोठरी !…

दुमुंहा

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ललछौंहा कवनों फोड़ा टीसत रहे कुलबुलात रहलें चोरी चुपके परजीवी कृमि चीरा लगते अंउजाइल बहरियाए लगलें । तीखर घामे दँवकल भीत जुड़ाले पेटे पेट अदहन अस…

डॉ. कमल किशोर सिंह के दू गो कविता

लिटी-चोखा – डॉ. कमल किशोर सिंह आहार अनोखा लिटी चोखा का महिमा हम बखान करीं. ई ‘बर्बाकिउ बिचित्र बिहारी’ बेहतर लागे घर से बहरी, दुअरा-दालान, मेला-बाज़ार, कहंवो  कोना  में  छहरी.…

फिरू बसन्त चलि आइल

– अशोक द्विवेदी ओढ़नी पियर, चुनरिया हरियर / फिरु सरेहि अगराइल जाये क बेरिया माघ हिलवलस, रितु बसन्त के आइल! फुरसत कहाँ कि बिगड़त रिश्ता, प्रेम पियाइ बचा ले सब,…

महतारी

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आजु निकहे बिखियाइल बानी माई बचवन पर नरियात नरियात लयिकवो मुरझा गईलें आँखिन के लोर थम्हात नइखे फेरु अझुराइल नोचब बकोटब खिलखिलात, हंसत, मुस्कियात केतना रंग…