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Category: भाषा

जाल के जाला (बतकुच्चन – 202)

जाल, जाला, जाली, जंजाल, संजाल, मायाजाल, इंद्रजाल, मोहजाल, महाजाल; पता ना कतना जाल आ कतना जाला कि सझुरावते परेशान हो जाए आदमी. जाल बुनल जाला, जाला लाग जाला आ जाली बनावल जाले. कबो दोसरा खातिर त कबो अपना खातिर. एह जाल के दायरा अतना...

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साहब बुझले पियाज, सहबाइन बुझली अदरख (बतकुच्चन-201)

साहब बुझले पियाज, सहबाइन बुझली अदरख. ना ना, बतावे के कवनो जरूरत नइखे कि हम गलत कहाउत कहत बानी. असल कहाउत हमरो मालूम बा बाकिर सेकुरल कब कवना बात प बवाल मचा दीहें केहु ना बता सके. आ मतलब बात समुझवला से बा, कहाउत के माने भा ओकरा...

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भोजपुरी, राजस्‍थानी अउर भोटी के जल्दिए मिली संवैधानिक मान्‍यता

पिछला सोमार 25 जुलाई, 2016 का दिने दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भोजपुरी समाज, दिल्‍ली आ राजस्‍थानी भाषा मान्‍यता समिति दुनू मिल के आयोजित केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल के सम्‍मान समारोह आयोजित कइलें...

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