पढ़े-लिखे वाला पाठक, पठनीयता आ “पाती” – हमार पन्ना

December 5, 2019 Editor 0

डॉ अशोक द्विवेदी एगो जमाना रहे कि ‘पाती’ (चिट्ठी) शुभ-अशुभ, सुख-दुख का सनेस के सबसे बड़ माध्यम रहे। बैरन, पोस्टकार्ड, अन्तर्देशी आ लिफाफा में लोग […]

भोजपुरी के गँवारू भाषा जनि बनाईं (सँझवत-2 के संपादकीय)

December 1, 2019 Editor 0

रामरक्षा मिश्र विमल भोजपुरी दू डेग आगे त हिंदी दू डेग पाछे हिंदी के कुछ तथाकथित विद्वान एह घरी भोजपुरी पर आपन-आपन ब्रह्मास्त्र चलावे में […]

साँच उघारल जरूरी बा !

September 26, 2017 Editor 0

– डॉ अशोक द्विवेदी हम भोजपुरी धरती क सन्तान, ओकरे धूरि-माटी, हवा-बतास में अँखफोर भइनी। हमार बचपन आ किशोर वय ओकरे सानी-पानी आ सरेहि में […]

रचनात्मक आन्दोलन पर बतकही

June 23, 2017 Editor 0

– डॉ अशोक द्विवेदी सोशल मीडिया का एह जमाना में वाट्स ऐप,फेसबुक पर, नोकरी-पेशा आ स्वरोजगार में लागल, पढ़ल – लिखल लोग अभिव्यक्ति के माध्यम […]

प्रगतिशीलता के नाम पर

February 23, 2017 Editor 1

– डॉ ब्रजभूषण मिश्र भाषा सब अइसन भोजपुरी साहित्य में बेसी कविते लिखल जा रहल बा. दोसर-दोसर विधा में लिखे वाला लोग में शायदे केहू […]