Month: नवम्बर 2014

निराला पुरस्कार से सम्मानित कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी के सम्मान

बलिया का श्रीराम विहार काॅलोनी में स्थित ‘पाती’ कार्यालय में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया ईकाई का तरफ से आयोजित एगो कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से निराला पुरस्कार…

भोजपुरी पंचायत पत्रिका के दिसम्बर 14 वाला अंक

बावन पेज के पत्रिका, चार पेज विज्ञापन के, चार पेज संपादकीय सामग्री, बाँचल चउवालीस पेज. तरह तरह के तेरह गो संपादक बाकिर प्रूफ आ भाषा के गलतियन के भरमार का…

गति से दुर्गति ले (बतकुच्चन – 178)

एगो गति संज्ञा होले आ दोसरका गति भा गत विशेषण. दुनू में छोटकी इ के मात्रा लागेला बाकिर दोसरका गति से छोटकी इ के मात्रा हट गइल काहे कि उ…

ददरी मेला के समापन पर भोजपुरी गायकी के जलवा

मंगल का साँझ बलिया के ददरी मेला के समापन का मौका पर मेला के भारतेन्दु कला मंच पर ‘ददरी महोत्सव’ में भोजपुरी गायकी के जलवा रहल. साँझ से शुरू भइल…

पुरवइया आ भोजपुरी लेखक संघ के भोजपुरी कविता संगोष्ठी

पिछला दिने 23 नवंबर के दिल्ली के पालम में बोलावल गइल भोजपुरी कविता गोष्ठी के अध्यक्षता करत डा॰ गोरख प्रसाद मस्ताना जब आपन पंक्ति सुनवनी कि, राजघाट पर गीता कुरान…

बेइज्जत करे खातिर इज्जत भइल

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद देश के राजनीति ले के बड़ा हरान बाड़े. जब देखऽ तब कवनो ना कवनो बात ले के चर्चा करत रहेले. बाबा रामचेला के बोला के…

ड्राइवरी के व्याकरण (बतकुच्चन 177)

अइसन कबो ना होखे जब हम बतकुच्चन लिखे से पहिले मगजमारी करत शब्द कोश भा व्याकरण के किताब ना पलटत होखीं. कबो नया नया कुछ खोजे ला त कबो दिमाग…