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बतकुच्चन २४

August 24, 2011 OmPrakash Singh 1

का होई जब राउर टहलुआ रउरे के टहलावे लागे ? टहलुआ ऊ जे टहल करे, सेवा करे, राउर छोट मोट काम रउरा कहला पर कइल […]

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बतकुच्चन – २३

August 18, 2011 OmPrakash Singh 0

भोजपुरी में एगो कहाउत कहल जाला कि जबरा मारबो करे आ रोवहू ना देव. कुछ कुछ इहे हाल हो गइल बा देश के. सरकार में […]

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बतकुच्चन २२

August 9, 2011 OmPrakash Singh 3

हिन्दी में “कल” के जवन मतलब होखे भोजपुरी में त एकर मतलब बिल्कुले अलग होला. कहल जाले कवनो करवट कल नइखे मिलत. अतना बेकल हो […]

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बतकुच्चन – २१

August 3, 2011 OmPrakash Singh 0

पिछला दिने जवन कुछ भइल तवन बहुत दुखद रहल. मुंबई पर एक बेर फेरु से आतंकी हमला हो गइल तब बुझाइल कि देस के जनता […]

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बतकुच्चन २०

July 25, 2011 OmPrakash Singh 0

पिछला पखवारे राजनीतिक हिसाब से बहुते हंगामेदार रहल. एह बीच कुछ लोग माल सरका के सरकार से सरकि लिहले त कुछ लोग अपना सरकावे का […]

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बतकुच्चन – १९

July 17, 2011 OmPrakash Singh 0

आजु जब हम ई बतकुच्चन लिखे बइठल बानी त खबर चल रहल बा कि सुप्रीम कोर्ट करिया धन पर स्पेशल जाँच दल बना दिहले बिया. […]

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बतकुच्चन – १८

July 12, 2011 OmPrakash Singh 0

पिछला पखवारा जब डीजल किरासन आ रसोई गैस के दाम बढ़ावल गइल त लागल कि बिछी डंक मार दिहले होखे. बिछी मरला के दरद के […]

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बतकुच्चन १७

July 7, 2011 OmPrakash Singh 0

पिछला हफ्ता लस्टमानंद जी रामचेला से बतियावत में कह दिहले कि बतकुच्चन वाला ओम प्रकाश भाई से पूछल जाई कि “नाच ना जाने आँगन टेढ़” […]

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बतकुच्चन – १६

June 24, 2011 OmPrakash Singh 0

समय त हमेशा बदलत रहेला. ना बदलल त ऊ समय कइसे कहल जाई. बाकिर जब कवनो बदलाव अचके में भा तेजी से हो जाव त […]

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बतकुच्चन – १५

June 19, 2011 OmPrakash Singh 3

पुरनका जमाना में रनिवासन में रानी लोग के खटवास-पटवास धरे खातिर एगो अलगे कक्ष भा भवन रहत रहे जवना के कोप भवन कहाव आ जहाँ […]

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बतकुच्चन – १४

June 8, 2011 OmPrakash Singh 2

जमाना औचक चहुँप के भौचक करे के चल रहल बा त सोचनी आजु एही चक पर कुछ बकचक कइल जाव. चक कहल जाला जमीन के […]