भोजपुरी जिंदाबाद रहल, भोजपुरी जिंदाबाद रही

June 3, 2018 Editor 0

“हँसी, ठिठोली, बोली आ बेवहार गजब बा, भोली सूरत, रहन-सहन, तेवहार गजब बा” भोजपुरी के मूर्धन्य कवि अउऱ गायक संगीत सुभाष जी के एह पंक्तियन […]

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माईभाषा दिवस पर विभोस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बइठक आ विचार गोष्ठी

March 1, 2018 Editor 0

24 फरवरी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मुलर मार्ग, नई दिल्ली में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारणी के बइठक आ अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर […]

दुमुंहा

October 16, 2017 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ललछौंहा कवनों फोड़ा टीसत रहे कुलबुलात रहलें चोरी चुपके परजीवी कृमि चीरा लगते अंउजाइल बहरियाए लगलें । तीखर घामे दँवकल भीत […]

साँच उघारल जरूरी बा !

September 26, 2017 Editor 1

– डॉ अशोक द्विवेदी हम भोजपुरी धरती क सन्तान, ओकरे धूरि-माटी, हवा-बतास में अँखफोर भइनी। हमार बचपन आ किशोर वय ओकरे सानी-पानी आ सरेहि में […]

रचनात्मक आन्दोलन पर बतकही

June 23, 2017 Editor 0

– डॉ अशोक द्विवेदी सोशल मीडिया का एह जमाना में वाट्स ऐप,फेसबुक पर, नोकरी-पेशा आ स्वरोजगार में लागल, पढ़ल – लिखल लोग अभिव्यक्ति के माध्यम […]

नीक-जबून-7

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ‘सेंगर’ आजु स्टाफ रूम में इंस्पेक्शन के बात एक-एक क के उघरत रहे. हमरा प्राचार्य […]

भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा ला जन-आंदोलन जरुरी बा – लाल बिहारी लाल

February 4, 2017 Editor 0

भोजपुरी आज दुनिया के सोलह गो देश में आ देश के कई राज्य – बिहार, यू.पी., दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात वगैरह में […]

फिरू बसन्त चलि आइल

February 3, 2017 Editor 0

– अशोक द्विवेदी ओढ़नी पियर, चुनरिया हरियर / फिरु सरेहि अगराइल जाये क बेरिया माघ हिलवलस, रितु बसन्त के आइल! फुरसत कहाँ कि बिगड़त रिश्ता, […]

कवन गीत हम गाईं बसन्ती

January 31, 2017 Editor 1

(वसन्त पंचमी, 1ली फरवरी 2017, प मंगल कामना करत) – अशोक द्विवेदी कठुआइल उछाह लोगन के, मेहराइल कन -कन कवन गीत हम गाईं बसन्ती पियरी […]

गलत बेख़ौफ़ घूमे घर नगर में

December 22, 2016 Editor 0

(भोजपुरी ग़जल) – सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” जहां मे लौटि आइल जा रहल बा बचल करजा चुकावल जा रहल बा। हवस दौलत के कइसन ई समाइल […]