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Author: Editor

‘कटिया’ के बहाने, मोती बी.ए. के कविता पर चर्चा

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टाइम टाइम के बाति ह, अब टाइमिंगो गलत होखे लागल बा : बतंगड़ – 83

– ओ. पी. सिंह पिछला हप्ता आपन बतंगड़ अधवे पर छोड़ले रहीं कि अगिला बेर एकरा के पूरा करब. बाकिर आजु के दुनिया में एक हप्ता बहुते लमहर हो जाला. चुनाव बीतते गुजरात के दलित समस्या, हरियाणा के जाट आरक्षण समस्या, पंजाब के नशाखोरी समस्या वइसहीं गायब हो जाला जइसे कबो गदहा का मूड़ी पर से सींग गायब हो गइल. अबकी कर्नाटक के चुनाव ला प्लान एनेलिटिका रहल कि हिन्दू के हिन्दुत्वे से नफरत करा दीहल जाव. ना रही बाँस ना बाजी बाँसुरी. तीन चार महीना पहिले का वारदात एह टाइमिंग पर हिन्दुवन के बलात्कारी बतावे के, ओकरा मंदिरन...

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का लिखीं, का छोड़त जाईं : बतंगड़ – 82

– ओ. पी. सिंह हर बेर जब बतंगड़ लिखे बइठिलें त मन में कवनो ना कवनो खाका बन चुकल रहेला आ बाति पर बाति निकलत जाले आ बतंगड़ई पूरा हो जाले. बाकिर पता ना काहे आजु मन बेचैन बा. कई बेर श्रीमती जी टोकबो करेली कि का रात दिन कंपूटरवा में मूड़ी घुसइले राखीलें. तनी बाहरो के दुनिया देखल करीं. आ हम उनुका के हर बेर समुझावत समुझावत हार जानीं कि एह कंपूटरवे से हम भर दिन दुनिया देखत रहीलें. आजु बूझाता कि यूरेका मोमेन्ट हमेशा हमरा सोझा रहल, पेड़ पर से सेव हमेशा नीचहीं गिरत रहल बाकिर जब...

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लहकउवा नेता के घिनाह चेहरा : बतंगड़ – 81

– ओ. पी. सिंह लोकतन्त्र, डेमोक्रेसी, में लोक-लाज ना रहि जाव त ओकरा दैत्यतन्त्र, डेमॉनक्रेसी, बने में देर ना लागे. एहघरी देश के विरोधी गोलन के हरकत देखि के त इहे लागत बा कि अगर एहनी के वश चले त दैत्यतन्त्र हावी होखे में देर ना लागी. संजोग से अबहीं लोकतन्त्र अतना कमजोर नइखे पड़ल कि ओकरा पर दैत्यतन्त्र हावी हो जाव बाकिर एकरा ला जरुरी बा कि लोक सावधान रहो आ देश के विरोधी गोलन के लजवावत रहो. बहुत दिन से बतकुच्चन करे के मौका नइखे मिलल काहे कि जवना अखबार ला बतकुच्चन लिखत रहीं ऊ हमरा से...

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एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा : बतंगड़ – 80

– ओ. पी. सिंह एह घरी देश में एकही बात सुनाई देत बा – एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा. अगर कहीं ई पाँच बरीस अउर रहि गइल त हमनी के जिनिगी नरक करा दी. चारे बरीस में ई जइसन जइसन काम करा दिहले बा कि एकरा के हटवला का बादो पता ना कतना बरीस लागी फेरु उहे रामराज ले आवे में जब मौनी बाबा बारबाला का इशारा पर नाचत रहलन आ पूरा देश के कारोबारी, अफसरान, भठियारा शान से जीयत रहलें. ना त कानून के डर रहे ना करजा चुकावे के फिकिर. कश्मीर, केरल से लगवले...

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बाति निकलब त बाति बहुते आगा ले जाई ! बतंगड़ – 79

– ओ. पी. सिंह सबसे पहिले त रउरा सभे के रामनवमी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना. बहुते सौभाग्य से अइसन मौका मिलल बा कि अतवार का दिने अपना बतंगड़ में अपना ईष्ट के जनमदिन भेंटाइल बा. समय समय के बाति ह. हिन्दू लोग तनिका सा एकवटल बा त देश के सगरी सेकुलर गोलो आजु अपना के हिन्दू प्रेमी साबित करे में जुटल बा. जेकरा कई पुश्त में हिन्दू नइखन उहो आजु अपना के जनेऊधारी हिन्दू बतलावे में लागल बा. इफ्तार के भोज खाए खिआवे वाला लोगो अब रामनवमी के जुलुस निकाले के बाति करत बा. अलग बाति बा कि...

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तोहरा से राजी ना ए बलमुआ, तोहरा से राजी ना – बतंगड़ 78

– ओ. पी. सिंह फगुआ बीत गइल बा आ अब चइत चलत बा. परम्परा का हिसाब से चइत में फगुआ ना गआव बाकिर मौका प एह ले बढ़िया कवनो लाइन याद नइखे पड़त त एकरे इस्तेमाल क लिहनी ह. एगो फगुआ में सुनले रहीं ई गीत – तोहरा से राजी ना ए बलमुआ, तोहरा से राजी ना. हम के नींबुआ बिना तरसवले बलमुआ तोहरा से राजी ना. सब कुछ मिलला का बादो एह गीत के नायिका के शिकायत रहिए गइल कि ओकरा नींबू खाए के मन रहुवे आ ऊ ना ले आइल ओकर बलमुआ. कुछ कुछ इहे हाल हो...

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हमार जान ह भोजपुरी

– डॉ. हरेश्वर राय हमार सान ह हमार पहचान ह भोजपुरी, हमार मतारी ह हमार जान ह भोजपुरी। इहे ह खेत, इहे खरिहान ह इहे ह सोखा, इहे सिवान ह, हमार सुरुज ह हमार चान ह भोजपुरी। बचपन बुढ़ापा ह, इहे जवानी चूल्हा के आगि ह, अदहन के पानी, हमार साँझ ह हमार बिहान ह भोजपुरी। ओढिला इहे, इहे बिछाइला कुटिला इहे, इहे पिसाइला, हमार चाउर ह हमार पिसान ह भोजपुरी। इहे ह धरन, इहे ह छानी हमरा पसीना के इहे कहानी, हमार तीर ह हमार कमान ह भोजपुरी। कजरी ह बिरहा ह, इहे ह फ़ाग इहे कबीरा ह...

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विभोस का मंच से गंगा प्रसाद अरुण के गजल संग्रह “गजल गवाह बनी” के लोकार्पण

पूर्वांचल एकता मंच,नई दिल्ली के आयोजन में भइळ 10वां विश्व भोजपुरी सम्मेलन (विभोस) में चर्चित कवि आ साहित्यकार गंगा प्रसाद अरुण के हस्तलिखित (हाथ से लिखल फांट में) भोजपुरी गजल संग्रह “गजल गवाह बनी” के लोकार्पण मुख्यअतिथि आ लोकसभा अध्यक्ष रहल मीरा कुमार के हाथ से भइल. सम्मेलन दादादेव मेला ग्राउंड, सेक्टर-8, द्वारका, नई दिल्ली में 7 से 8 अप्रैल ले आयोजित भइल रहे. एह अवसर पर मंच पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का साथे मॉरीशस स्पीकिंग यूनियन के सरिता बुधु , सांसद रहल महाबल मिश्र, पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह, भोजपुरी जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय...

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पाँच दिन के भोजपुरी नाट्य उत्सव

भोजपुरी रंगमंच खातिर समर्पित नाट्य संस्था रंगश्री (स्थापित सन् 1978) आपन 5वाँ पाँच दिन चले वाला भोजपुरी नाट्य उत्सव के आयोजन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आ स्टील अथारिटी आफ इण्डीया अउर मैथिली भोजपुरी अकादमी के विशेष सहयोग से फिनु दिल्ली में दिनांक 26 मार्च से 30 मार्च तक करे जा रहल बिया. सभे भोजपुरियन से निहोरा बा कि एह कार्यक्रम मे पधार के भोजपुरी के गौरव बढ़ाई आ भोजपुरी रंगमंच के सशक्त करे मे 40 साल से लागल एह संस्था के आ ओकरा संगे जुड़ल कलाकारन के हौसिला बढ़ाईं. एह मे प्रवेश निःशुल्क...

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