पप्पू बनि के जीयल आसान ना होखे. ओकरा खातिर बहुते तेज दिमाग राखे के होला. अइसन अइसन बाति सोचे-कहे के पड़ेला जे दोसर केहू सपनो में ना सोच सके. बाकिर पप्पू के दुर्भाग्य कि ऊ इटालियन महतारी का पेट से बाकिर हिन्दुस्तान में जनमल. ओह घरी के कहो ओकरा कईपूरा पढ़ीं…

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लरिकाईं में एगो कहानी सुनले रहीं कि बहेलियन का जाल में फँसे वाला चिरईयन के दशा देख दुखी भइल एगो संत चिरईयन के रटा दिहलें कि – शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, लोभ से उसमें फँसना नहीं. चिरई दिन दिन भर एह बात के माला जपल करऽ सँ आ दाना चुगतपूरा पढ़ीं…

एगो जमाना उहो रहुवे राजीव गाँधी का बेरा जब जनता में ई बहुते प्रचलित हो गइल रहल कि सौ में निनान्बे बेइमान, तबहियों हमार देश महान. कहे वाला त मजाक में, तंज में कहत रहलें बाकिर इहो एगो सचाइए हऽ कि एतना बेइमानन के मौजूदगी का बादो हमनी के देशपूरा पढ़ीं…

पुरनका जमाना से सुनत आइल बानी स ई तंज कि – बूड़ल वंश कबीर के जमले पूत कमाल. पूत अगर कपूत हो जाव तबो महतारी ओकरा के कपूत माने ला तइयार ना होखे. कबीर का साथे अइसन कवनो पुत्रमोह के बात कबो सुने के नइखे मिलल. अइसन नइखे कि कमालपूरा पढ़ीं…

जस-जस दिन नियराइल जात बा तस-तस राजनीति के रंग अउरो सियाह होखल जात बा. एक बाति त सभके मानही के पड़ी कि आवे वाला लोकसभा चुनाव देशो खातिर आ एहिजा के बिखराइल हिन्दुवनो खातिर जिए-मरे के लड़ाई बने वाला बा. चार बाँस चउबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण, एते प सुलतानपूरा पढ़ीं…

अगिला लोकसभा चुनाव में अब सालो भर नइखे रहि गइल. अबकि के चुनाव देश के जीवन मरण के सवाल होखे जा रहल बा एहसे सभकर जिम्मेदारी बा कि आपन निजी फायदा-नुकसान से उपर उठिके देश के फायदा-नुकसान का बारे में सोचत आपन भोट देव. दुनु तरफ परिवारे बाड़ी सँ. भापूरा पढ़ीं…

जबरा मारबो करे आ रोवहूं ना देव. एह देश में हिन्दू के हालत अइसन हो गइल बा कि ओकरा पर होखत अत्याचार भा ओकरा साथे होखत अन्याय का खिलाफ कतहीं कवनो सुनवाई नइखे. अउर त अउर अदालतो हाथ खड़ा कर देली सँ जब मामिला हिन्दुवन के अधिकार खातिर होखेला. आजादीपूरा पढ़ीं…

हमनी के हिन्दुस्तानो गजब के देश ह. कहे के त लोकतंत्र बा बाकिर सगरी, एकाध गो के छोड़ के, राजनीतिक गोल राजवंशी परम्परा पर चलेली सँ. कांग्रेस के मलिकान नेहरु खानदान का लगे गिरवी राखल बा, त सपा के मुलायम परिवार, राजद के लालू परिवार, ममता के बनर्जी परिवार, तपूरा पढ़ीं…

ई देश तरह-तरह के मुख्यमंत्री देख चुकल बा. बाकिर दिल्ली के मुख्यमंत्री के जोड़ खोजल मुश्किल बा. बिहार के लबार मुख्यमंत्री रहल चाराचोर रुपिया जतना कमइले होखसु बाकिर ओकरो इज्जत दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री जइसन नीचे कबो ना गिरल. कई दिन से ई नाकारा नौटंकीबाज मुख्यमंत्री अपना चुनिन्दा मंत्रियन समेतपूरा पढ़ीं…

समय अइसन खराब हो गइल बा कि बाबा दादा का जमाना से चचल आवत कहाउतो कहे लिखे में डर लागत बा. चैनल का पैनल पर एकाध बेर कुछ गलतो कहि के बाच सकीलें बाकिर अखबार आ छपल सामग्री में ऊ आजादी ना मिले. काहे कि एक बेर लिखा-छपा गइल तपूरा पढ़ीं…

ममता बनर्जी देश के पीएम बने ला पूरा जोर शोर से लागल बाड़ी. अगर सीधे हाथ ना हो पाई त हाथ टेढ़ो करे उनुका आवेला. आ हाथ वालन के एकर पूरा अनुभव बा. हमार उनुका से एके गो निहोरा बा कि हे ममतामयी दीदी, हे जम्हूरियत के देवी, तोहरा राजपूरा पढ़ीं…