दि कश्मीर फाइल्स : एगो फिलिम जवन देश के मिजाज बदल दिहलसि

फिलिम त बहुते बनली सँ, कुछ सफल भइली सँ, त कुछ असफल. बाकिर बहुते कम फिलिम अइसन होखेली सँ जवन देश के मन मिजाज बदले के बेंवत राखेली सँ. अइसने…

योगी मंत्रिमंडल के कुल हासिल इहे बा कि उनुकर बुलडोजर उनुके प चला दीहल गइल बा

दयानंद पांडेय फ़िलहाल त उत्तर प्रदेश के सत्ता राजनीति में यूक्रेन रुस जइसने घमासान मचल बा. अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम अखिलेश यादव के बनवावल आ मंत्रिमंडल नरेंद्र मोदी और…

भोजपुरी संगम के 145 वीं बइठकी

गोरखपुर के ‘भोजपुरी संगम’ के 145 वीं ‘बइठकी’ इंजीनियर राजेश्वर सिंह के अध्यक्षता आ अवधेश शर्मा ‘नन्द’ के संचालन में पिछला दिने 66, खरैया पोखरा, बशारतपुर, गोरखपुर में बनल संस्था…

भोजपुरी संगम के 144 वीं ‘बइठकी’

‘भोजपुरी संगम’ के 144 वीं ‘बइठकी’ भइल त रहे कुछ दिन पहिले आ समय पर खबर मिलियो गइल रहुवे. बाकिर हमार एंजियोप्लास्टी के ऑपरेशन का चलते देरी से प्रकाशित कर…

साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित भाषा सम्मान से सम्मानित भइलें डॉ. अशोक द्विवेदी आ अनिल ओझा ‘नीरद’

भारत के साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित भाषा सम्मान बीच-बीच में भारत के गैर-मान्यता प्राप्त भाषावन के साहित्यकारनें को समय-समय पर दीहल जात रहेला. भोजपुरी भाषा में पहिला बेर ई सम्मान…

स्व. कैलाश चन्द्र चौधरी उर्फ मास्टर साहब के कविता

खालऽ, खालऽ ए चिरई जवन तोहरा रुचे उड़ते खा, चाहे बइठ के खालऽचाहे अलोता कहीं ले जाके खालऽटुकी टुकी खालऽ चाहे लीलऽ सउसें.खालऽ, खालऽ ए चिरई जवन तोहरा रुचे. हई…

गूगल मीट पर भइल भोजपुरी संगम के कवि गोष्ठी

‘भोजपुरी संगम’ के 138 वीं ‘बइठकी’ कोरोना प्रोटोकॉल के नाते ‘गूगल मीट’ एप से ऑनलाइन आयोजित भइल. अध्यक्षता सुभाष चंद्र यादव जी अउर संचालन अवधेश नंद आ ज्ञानेश्वर गुंजन जी…

रेडियो के अमर किरदार – लोहा सिंह

लव कांत सिंह ’लव’ एतवार के दिन होखे त सब लोग फटाफट आपन काम निपटा लेवल चाहत रहे, सभे जल्दी-जल्दी बाजार से लवट के आ जात रहे, दोकानदार अपना-अपना रेडियो…

सत्तन जी के छठवां पुण्यतिथि पर भोजपुरी संगम के खास बइठकी

“भोजपुरी में ऊ ताकत बा कि खाली रचना के बल पर एके स्थापित कइल जा सकत बा. दुनिया के अठारह देसन में भोजपुरी ओइसे बोलल जाला जइसे आपन भासा होखे.…

ओरहन का पाग में यादों की गठरी

(पुस्तक समीक्षा) डॉ आशारानी लाल के लिखल उनुका दाम्पत्य जीवन के यादगारन के आत्मकथात्मक किताब यादों की गठरी पढ़े के मिलल त लाख चहला का बादो एके बेर में ना…