पिछला दिने 23-24 फरवरी 2019 के वाराणसी में भइल विश्व भोजपुरी सम्मेलन के कार्यक्रम में भोजपुरी के वरिष्ठ कवि-कथाकार डा०अशोक द्विवेदी के, भोजपुरी में उनका खास आ लमहर योगदान दिहला बदे, भोजपुरी के सबले बड़का सम्मान , “सेतु-सम्मान ” से सम्मानित कइल गइल. जाने जोग बा कि डा. अशोक द्विवेदी,पूरा पढ़ीं…

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जे भोजपुरी में, भोजपुरी खातिर, बिना लोभ-लालच आ मान-प्रतिष्ठा के परवाह कइले बरिसन से चुपचाप रचनात्मक काम कर रहल बा आ कइले जा रहल बा, ओके नजरअन्दाज कइ के, एक-दूसरा के टँगरी खींचे वाला ई कथित भोजपुरी-हित चिंतक मठाधीशे लोग बा। हमरा त चिंता होला कि भोजपुरी के कबो अगर मान्यता मिल गइल आ ओकरा नाँव पर पढ़े-पढ़ावे भा पुरस्कार-सम्मान के इन्तजाम होइयो गइल त ओकरा बाद के स्थिति केतना बिद्रूप आ भयंकर होई? तब त एक दोसरा क कपार फोरे में ना हाथ लउकी, ना ढेला।

हिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल पसन्द ना करे. जे काटेला ऊ झटका में काटेला कि कटाएवाला के कम से कम कष्ट होखे. दुनिया के सगरी नीति नैतिकता पोसे पकावे वाला हिन्दू के इहो यादपूरा पढ़ीं…

वइसे त गोस्वामी तुलसीदास लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं बाकिर जमाना बदलल त कहाउतो बदलबे करी आ अब के कहाउत ई बा कि बरियार चोर सेन्हे पर बिरहा गावेला. ओकरा निकहा से मालूम बा कि ओकरा के दोषी बतावे के बेंवत केहू में नइखे. तबहियो ओकरापूरा पढ़ीं…

पहिला बेर देश के कवनो गोल हिन्दुवन का खिलाफ खुला लड़ाई के एलान क दिहलसि आ ई गोल ना त मुस्लिम लीग ह, ना ओवैसी के मजलिस. ई गोल ह अपना के जनेऊधारी बरहमन होखे के दावा करे वाला के गोल कांग्रेस. लोकसभा में कांग्रेस के नेता खडगे के कहनापूरा पढ़ीं…

बबुअवो कमाल के आदमी हवे. जबे लागेला कि अब ई सयान होखे लागल बा तबहिऐं कुछ ना कुछ अइसन बोल देला कि लोग माथा ठोक लेला कि हे भगवान, ई कहिया सयान होखी. आ जब लोग के ई हालत बा त ओकरा महतारी के पीड़ा सहजे समुझल जा सकेला. बेचारीपूरा पढ़ीं…

के जानत रहुवे कि बतंगड़ के 100वां कड़ी बाजपेयी जी के मातम मनावे का काम आई. अटल जी के लोग बेपनाह प्यार कइल, सम्मान कइल बाकिर बहुते कम लोग रहल जे उनुका के सही में समुझ सकल. हिन्दूवादियन खातिर ऊ सेकूलर रहलन आ सेकूलर जमात खातिर कम्यूनल. राहुल के कईपूरा पढ़ीं…

लोकरंजन आ सांस्कृतिक गीत-गवनई के बढ़ावा देबे खातिर पाती कला मंच आ भोजपुरी दिशाबोध के पत्रिका पाती का ओर से नयी दिल्ली के दीनदयाल मार्ग, आईटीओ, पर स्थित राजेन्द्र भवन ऑडिटोरियम में शनिचर 15 सितम्बर का दिने साँझ पाँच बजे से साढ़े आठ बजे ले एगो सांस्कृतिक आयोजन राखल गइलपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक ढेरे सनसनी बा. कवनो टीवी चैनल के भासा उधार ले लीं त ई कहल जा सकेला कि पूरा मुल्के में सनसनी बा. मुल्के काहे पूरा दुनिया में सनसनी बा. एगो टीवी चैनल एही मसला पर पूरा एक घंटा के रपट परोस दिहलसि कि – प्रियंका चोपड़ा अपनापूरा पढ़ीं…

– ऋचा चलऽ, फेरु सपनन के फेंड़ लगाईं जा ! मउरल-दनात अमराई से अलगा सड़की का गुलमुहरन का नीचे लुकवा दीं जा कूल्हि पुरान योजना हरियर सुतरी अस लटकत सहजन का झोंप में बान्हि आईं जा आपन चाह-चिन्ता जवन होई, तवन होई आवऽ रेंगनी का काँटन से लथरल जथारथ मेंपूरा पढ़ीं…

– आनन्द संधिदूत जब आँगन का बीच में डँड़वार आ खेत का बीच में सड़क निकललि त खेत क बगड़ी आँगन का गउरइया किहें आके कहलसि कि लऽ ए बहिनी तोहके त आराम हो गइल एक बखरी से दू बखरी हो गइल दूनो ओर दाना-दूनी, जूठ-कांठ गिरी आ तोहार बालपूरा पढ़ीं…